Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jun 2016 · 1 min read

जंग

जात-पात और भेदभाव से अब लड़ने की बारी है,
उठो साथियो, आज़ादी की जंग अभी भी जारी है l

जिस आज़ादी की खातिर, वीरों ने फंदे चूमे थे,
सुनकर जिसके अमर तराने शीश करोड़ों झूमे थे l
जिसकी खातिर बैसाखी भी लहराती तलवार बनी,
बिन हाथों वाले भी लेकर विजय पताका घूमे थे l
वीरों की इस कुर्बानी पर, हंसता भ्रष्टाचारी है,
उठो साथियो आज़ादी की, जंग अभी भी जारी है l

कहने को कागज़ पर हम, अंग्रेज़ों से आजाद हुए ,
लेकिन आपस में लड़ लड़ कर, खुद ही यूं बर्बाद हुए l
बेशकीमती आज़ादी का, ऐसा सत्यानाश हुआ,
उजड़ रही है गौशालाएं, मयखाने आबाद हुए l
नचा रहा बाहर से आकर, हमको एक मदारी है ,
उठो साथियो आज़ादी की, जंग अभी भी जारी है l

हिंदी की रोटी खाकर हम, अंग्रेज़ी की गाते हैं,
हिंदी की महिमा-गरिमा को, पिछड़ापन बतलाते हैं l
अंग्रेज़ी के आगे पीछे , चलना ऐसा भाता है ,
बना द्रौपदी हिंदी को हम, दु:शासन बन जाते हैं l
दासों जैसी सोच हमारी, खुद हम पर ही भारी है,
उठो साथियो आज़ादी की जंग अभी भी जारी है l

-राजीव ‘प्रखर’
निकट राधा कृष्ण मन्दिर,
मौहल्ला डिप्टी गंज,
मुरादाबाद (उ. प्र.)-244 001
सम्पर्क – 894191264

Language: Hindi
Tag: गीत
170 Views
You may also like:
प्रेम का फिर कष्ट क्यों यह, पर्वतों सा लग रहा...
संजीव शुक्ल 'सचिन'
" अपनी ढपली अपना राग "
Dr Meenu Poonia
बढ़ेगा फिर तो तेरा क़द
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
कुनमुनी नींदे!!
Dr. Nisha Mathur
फिजूल।
Taj Mohammad
परम प्रकाश उत्सव कार्तिक मास
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
'गणेशा' तू है निराला
Seema 'Tu hai na'
दोस्त हो तो ऐसा
Anamika Singh
एक फौजी का अधूरा खत...
Dalveer Singh
🙏माँ कूष्मांडा🙏
पंकज कुमार कर्ण
वो सहरा में भी हमें सायबान देता है
Anis Shah
✍️कर्म से ही वजूद…
'अशांत' शेखर
दिल की ये आरजू है
श्री रमण 'श्रीपद्'
सेतु
Saraswati Bajpai
ये कैसी दीवाली है?
Shekhar Chandra Mitra
*कुतर-कुतर कर खाओ(बाल कविता)*
Ravi Prakash
Gazal
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
पिता
Aruna Dogra Sharma
कोई कसक बाक़ी है
Dr fauzia Naseem shad
शोख- चंचल-सी हवा
लक्ष्मी सिंह
महाकवि भवप्रीताक सुर सरदार नूनबेटनी बाबू
श्रीहर्ष आचार्य
धन्वंतरि पूजा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
' स्वराज 75' आजाद स्वतन्त्र सेनानी शर्मिंदा
jaswant Lakhara
समाजसेवा
Kanchan Khanna
सावन में एक नारी की अभिलाषा
Ram Krishan Rastogi
असली नशा
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
रामलीला
VINOD KUMAR CHAUHAN
बुद्ध या बुद्धू
Priya Maithil
प्यारा तिरंगा
ओनिका सेतिया 'अनु '
"तब घर की याद आती है"
Rakesh Bahanwal
Loading...