Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jan 2024 · 1 min read

*छ्त्तीसगढ़ी गीत*

छ्त्तीसगढ़ी गीत
रिमझिम रिमझिम बरसत बदरिया
22 22 22 212
रिमझिम रिमझिम बरसत बदरिया ।
गावत हिरदे करमा ददरिया।।
रूनझुन रूनझुन खेती खार हे।
सिरतो सुघ्घर चलत बैपार हे।
सुनता बांधत संगी जहुरिया।।
रिमझिम रिमझिम…….
सरसर सरसर ये चलय मस्त पवन।
काम बुता मा सब हावय मगन ।
पाटी पारत निकले बहुरिया।
रिमझिम रिमझिम ……
हरियर हरियर दुनिया झूमरत।
करत मया हरहिंछा किंजरत।
जिनगी खेदू लेवत लहरिया।।
रिमझिम रिमझिम………
…….✍ डॉ .खेदू भारती “सत्येश”
23-01-2024मंगलवार

97 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
रूप जिसका आयतन है, नेत्र जिसका लोक है
रूप जिसका आयतन है, नेत्र जिसका लोक है
महेश चन्द्र त्रिपाठी
आम आदमी की दास्ताँ
आम आदमी की दास्ताँ
Dr. Man Mohan Krishna
वो क़ुदरत का दिया हुआ है,
वो क़ुदरत का दिया हुआ है,
*Author प्रणय प्रभात*
रोटी की ख़ातिर जीना जी
रोटी की ख़ातिर जीना जी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
दो शब्द सही
दो शब्द सही
Dr fauzia Naseem shad
एक अणु में इतनी ऊर्जा
एक अणु में इतनी ऊर्जा
AJAY AMITABH SUMAN
किसी का प्यार मिल जाए ज़ुदा दीदार मिल जाए
किसी का प्यार मिल जाए ज़ुदा दीदार मिल जाए
आर.एस. 'प्रीतम'
दोहे-
दोहे-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
सर्द ठिठुरन आँगन से,बैठक में पैर जमाने लगी।
सर्द ठिठुरन आँगन से,बैठक में पैर जमाने लगी।
पूर्वार्थ
*कुछ रंग लगाओ जी, हमारे घर भी आओ जी (गीत)*
*कुछ रंग लगाओ जी, हमारे घर भी आओ जी (गीत)*
Ravi Prakash
गुलाम
गुलाम
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
परम प्रकाश उत्सव कार्तिक मास
परम प्रकाश उत्सव कार्तिक मास
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
आपदा से सहमा आदमी
आपदा से सहमा आदमी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
अपना पीछा करते करते
अपना पीछा करते करते
Sangeeta Beniwal
पर्यायवरण (दोहा छन्द)
पर्यायवरण (दोहा छन्द)
नाथ सोनांचली
नववर्ष पर मुझको उम्मीद थी
नववर्ष पर मुझको उम्मीद थी
gurudeenverma198
वो इश्क किस काम का
वो इश्क किस काम का
Ram Krishan Rastogi
सामाजिक बहिष्कार हो
सामाजिक बहिष्कार हो
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
सत्य तो सीधा है, सरल है
सत्य तो सीधा है, सरल है
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
खुबिया जानकर चाहना आकर्षण है.
खुबिया जानकर चाहना आकर्षण है.
शेखर सिंह
!! ईश्वर का धन्यवाद करो !!
!! ईश्वर का धन्यवाद करो !!
Akash Yadav
धन से जो सम्पन्न उन्हें ,
धन से जो सम्पन्न उन्हें ,
sushil sarna
हिम्मत कभी न हारिए
हिम्मत कभी न हारिए
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
रे ज़िन्दगी
रे ज़िन्दगी
Jitendra Chhonkar
जो विष को पीना जाने
जो विष को पीना जाने
Pt. Brajesh Kumar Nayak
“नया मुकाम”
“नया मुकाम”
DrLakshman Jha Parimal
इश्क़ जब बेहिसाब होता है
इश्क़ जब बेहिसाब होता है
SHAMA PARVEEN
चिकने घड़े
चिकने घड़े
ओनिका सेतिया 'अनु '
‘पितृ देवो भव’ कि स्मृति में दो शब्द.............
‘पितृ देवो भव’ कि स्मृति में दो शब्द.............
Awadhesh Kumar Singh
'आभार' हिन्दी ग़ज़ल
'आभार' हिन्दी ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
Loading...