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1 Feb 2024 · 1 min read

चुनिंदा अश’आर

आपके मरतबे पे हम दिल से,
आपको हम तवील लिक्खेंगे।

दूर होकर भी मुहब्बत का असर रक्खा है ।
हमने खामोश दुआओं का सफर रक्खा है ।।

“याद करने पे याद करता है ।
तेरी फुर्सत की क्या ज़रूरत है ।।”

“किसी भी दीद की
हसरत हमें नहीं रहती।
हमारी आंखों में चेहरा
तुम्हारा रहता है ।।”

“दर्द महसूस हमको क्या होगा ।
हमतो सीने में दिल नहीं रखते ॥”

अब सुंकू कैसे मेरा दिल पाये ।
तेरी आदत सी हो गई दिल को ॥”

यूं ही होती नहीं है खामोशी ।
बोझ लफ़्ज़ों के दिल पे होते हैं ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
3 Likes · 110 Views
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