Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Feb 2024 · 1 min read

चल पनघट की ओर सखी।

चल पनघट की ओर सखी।

जाग, हुआ अब भोर सखी
चल पनघट की ओर सखी।

बार -बार मन श्याम पुकारे
उसकी ही छवि नित्य निहारे
रात जगे, जागे भिनसारे।

वह नटखट चितचोर सखी
चल पनघट की ओर सखी।

बैठ कदंब की कोमल डाली
छेड़ वेणु पर धुन मतवाली
आकुल उर कर दे वह आली।

चले न खुद पर जोर सखी
चल पनघट की ओर सखी ।

यमुना – तट पर जोराजोरी
रंग दी मेरी चूनर कोरी
मैं निश्छल गोकुल की छोरी।

नाचे मन का मोर सखी
चल पनघट की ओर सखी ।

श्याम मिलन की जागी आशा
जनम-जनम का तन-मन प्यासा
पूरी कर उत्कट अभिलाषा।

सुन अंतर का शोर सखी
चल पनघट की ओर सखी ।

अनिल मिश्र प्रहरी ।

Language: Hindi
67 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐प्रेम कौतुक-295💐
💐प्रेम कौतुक-295💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
अजदहा बनके आया मोबाइल
अजदहा बनके आया मोबाइल
Anis Shah
एक सही आदमी ही अपनी
एक सही आदमी ही अपनी
Ranjeet kumar patre
हम छि मिथिला के बासी
हम छि मिथिला के बासी
Ram Babu Mandal
फिरकापरस्ती
फिरकापरस्ती
Shekhar Chandra Mitra
यादों से कह दो न छेड़ें हमें
यादों से कह दो न छेड़ें हमें
sushil sarna
"महत्वाकांक्षा"
Dr. Kishan tandon kranti
ॐ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
सब तो उधार का
सब तो उधार का
Jitendra kumar
उसकी बाहो में ये हसीन रात आखिरी होगी
उसकी बाहो में ये हसीन रात आखिरी होगी
Ravi singh bharati
'प्रहरी' बढ़ता  दंभ  है, जितना  बढ़ता  नोट
'प्रहरी' बढ़ता दंभ है, जितना बढ़ता नोट
Anil Mishra Prahari
अपने सुख के लिए, दूसरों को कष्ट देना,सही मनुष्य पर दोषारोपण
अपने सुख के लिए, दूसरों को कष्ट देना,सही मनुष्य पर दोषारोपण
विमला महरिया मौज
बसंत
बसंत
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
जिंदगी भर हमारा साथ रहे जरूरी तो नहीं,
जिंदगी भर हमारा साथ रहे जरूरी तो नहीं,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
लेख-भौतिकवाद, प्रकृतवाद और हमारी महत्वाकांक्षएँ
लेख-भौतिकवाद, प्रकृतवाद और हमारी महत्वाकांक्षएँ
Shyam Pandey
*कोई मंत्री बन गया, छिना किसी से ताज (कुंडलिया)*
*कोई मंत्री बन गया, छिना किसी से ताज (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
कब मरा रावण
कब मरा रावण
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अपने हाथ,
अपने हाथ,
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
" वर्ष 2023 ,बालीवुड के लिए सफ़लता की नयी इबारत लिखेगा "
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
" ऐसा रंग भरो पिचकारी में "
Chunnu Lal Gupta
लोककवि रामचरन गुप्त मनस्वी साहित्यकार +डॉ. अभिनेष शर्मा
लोककवि रामचरन गुप्त मनस्वी साहित्यकार +डॉ. अभिनेष शर्मा
कवि रमेशराज
सत्य ही सनाान है , सार्वभौमिक
सत्य ही सनाान है , सार्वभौमिक
Leena Anand
फ़र्क़..
फ़र्क़..
Rekha Drolia
जिन्दगी से शिकायत न रही
जिन्दगी से शिकायत न रही
Anamika Singh
जीवन का सच
जीवन का सच
Neeraj Agarwal
बंटते हिन्दू बंटता देश
बंटते हिन्दू बंटता देश
विजय कुमार अग्रवाल
इतना ना हमे सोचिए
इतना ना हमे सोचिए
The_dk_poetry
मुसलसल ईमान रख
मुसलसल ईमान रख
Bodhisatva kastooriya
◆ आज का दोहा।
◆ आज का दोहा।
*Author प्रणय प्रभात*
2578.पूर्णिका
2578.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
Loading...