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5 Sep 2016 · 1 min read

गुरु को प्रणाम

करे जीवन को साकार रूप प्रदत्त का काम
पत्थर से मानव को तराशे दे नगीना नाम
कभी मृदुल, कभी कठोर स्वरुप अपनाकर
इंसानियत पाठ पढ़ा दे ऐसे गुरु को प्रणाम !!

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______डी. के. निवातियाँ ______

Language: Hindi
2 Comments · 630 Views
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