Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Feb 2024 · 1 min read

ग़ज़ल

:: हिंदी ग़ज़ल ::
——————–

पहले ज़रा ठहरना बेटा !
फिर डग आगे धरना बेटा !

गत,आगत की फ़िक्र छोड़कर,
वर्तमान में रहना बेटा !

पहले मन को समझा लेना,
फिर कुछ और समझना बेटा !

मूल्यवान हों अधिक मौन से,
शब्द वही तुम कहना बेटा !

अपनी पीर छुपा लो मुझसे,
इतना भी मत डरना बेटा !

अनुशासन का दुर्गम पर्वत,
चढ़ना और उतरना बेटा !

मेरा तन-मन-धन तेरा है,
इसका सद्-व्यय करना बेटा !

जैसे ज्वलित दीप मंदिर में,
ऐसे जलते रहना बेटा !
००००
— ईश्वर दयाल गोस्वामी

Language: Hindi
4 Likes · 2 Comments · 70 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आँखों की गहराइयों में बसी वो ज्योत,
आँखों की गहराइयों में बसी वो ज्योत,
Sahil Ahmad
बच्चा सिर्फ बच्चा होता है
बच्चा सिर्फ बच्चा होता है
Dr. Pradeep Kumar Sharma
नारी का सम्मान 🙏
नारी का सम्मान 🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
खुद को जानने में और दूसरों को समझने में मेरी खूबसूरत जीवन मे
खुद को जानने में और दूसरों को समझने में मेरी खूबसूरत जीवन मे
Ranjeet kumar patre
मन के भाव हमारे यदि ये...
मन के भाव हमारे यदि ये...
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
जितने धैर्यता, सहनशीलता और दृढ़ता के साथ संकल्पित संघ के स्व
जितने धैर्यता, सहनशीलता और दृढ़ता के साथ संकल्पित संघ के स्व
जय लगन कुमार हैप्पी
कीलों की क्या औकात ?
कीलों की क्या औकात ?
Anand Sharma
गुरुर
गुरुर
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
मैं लिखती नहीं
मैं लिखती नहीं
Davina Amar Thakral
प्रेम में डूबे रहो
प्रेम में डूबे रहो
Sangeeta Beniwal
वातायन के खोलती,
वातायन के खोलती,
sushil sarna
.
.
Amulyaa Ratan
"ये कविता ही है"
Dr. Kishan tandon kranti
पिता की लाडली तो हर एक बेटी होती है, पर ससुर जी की लाडली होन
पिता की लाडली तो हर एक बेटी होती है, पर ससुर जी की लाडली होन
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*सरल सुकोमल अन्तर्मन ही, संतों की पहचान है (गीत)*
*सरल सुकोमल अन्तर्मन ही, संतों की पहचान है (गीत)*
Ravi Prakash
जब काँटों में फूल उगा देखा
जब काँटों में फूल उगा देखा
VINOD CHAUHAN
आक्रोष
आक्रोष
Aman Sinha
2592.पूर्णिका
2592.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
भगवत गीता जयंती
भगवत गीता जयंती
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
** बहाना ढूंढता है **
** बहाना ढूंढता है **
surenderpal vaidya
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
किसान
किसान
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
न मिलती कुछ तवज्जो है, न होता मान सीधे का।
न मिलती कुछ तवज्जो है, न होता मान सीधे का।
डॉ.सीमा अग्रवाल
बिखरा
बिखरा
Dr.Pratibha Prakash
मां जैसा ज्ञान देते
मां जैसा ज्ञान देते
Harminder Kaur
🙅खरी-खरी🙅
🙅खरी-खरी🙅
*प्रणय प्रभात*
सज गई अयोध्या
सज गई अयोध्या
Kumud Srivastava
चांद पर चंद्रयान, जय जय हिंदुस्तान
चांद पर चंद्रयान, जय जय हिंदुस्तान
Vinod Patel
काव्य की आत्मा और सात्विक बुद्धि +रमेशराज
काव्य की आत्मा और सात्विक बुद्धि +रमेशराज
कवि रमेशराज
जीवन के सफ़र में
जीवन के सफ़र में
Surinder blackpen
Loading...