Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Jan 2024 · 1 min read

ग़ज़ल

हवा-पानी पे है पहरा तुम्हारा
यहाँ हर चीज़ पर कब्ज़ा तुम्हारा

उसी के हिस्से में आएगी बोटी
रहेगा बनके जो कुत्ता तुम्हारा

ज़रा तुम रुख़ से ये परदा हटाओ
ज़माना देखेगा चेहरा तुम्हारा

नज़र आएगी तब सच्चाई तुमको
उतर जाएगा जब चश्मा तुम्हारा

यहाँ पर ‘नूर’ सब पत्थर-हृदय हैं
सुनेगा कौन ये दुखड़ा तुम्हारा

✍️जितेन्द्र कुमार ‘नूर’
असिस्टेंट प्रोफेसर
डी० ए० वी० पी० जी० कॉलेज
आज़मगढ़

1 Like · 80 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ऐतबार कर बैठा
ऐतबार कर बैठा
Naseeb Jinagal Koslia नसीब जीनागल कोसलिया
समझ
समझ
Shyam Sundar Subramanian
"गुलजार"
Dr. Kishan tandon kranti
बदनाम ये आवारा जबीं हमसे हुई है
बदनाम ये आवारा जबीं हमसे हुई है
Sarfaraz Ahmed Aasee
जीवन अप्रत्याशित
जीवन अप्रत्याशित
पूर्वार्थ
*जन्मदिवस पर केक ( बाल कविता )*
*जन्मदिवस पर केक ( बाल कविता )*
Ravi Prakash
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
मुक्तक
मुक्तक
पंकज कुमार कर्ण
हर अदा उनकी सच्ची हुनर था बहुत।
हर अदा उनकी सच्ची हुनर था बहुत।
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
#स्मृति_शेष (संस्मरण)
#स्मृति_शेष (संस्मरण)
*Author प्रणय प्रभात*
हे माधव
हे माधव
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
झूठ रहा है जीत
झूठ रहा है जीत
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
*मायूस चेहरा*
*मायूस चेहरा*
Harminder Kaur
शब्द भावों को सहेजें शारदे माँ ज्ञान दो।
शब्द भावों को सहेजें शारदे माँ ज्ञान दो।
Neelam Sharma
याद तुम्हारी......।
याद तुम्हारी......।
Awadhesh Kumar Singh
ਅੱਜ ਮੇਰੇ ਲਫਜ਼ ਚੁੱਪ ਨੇ
ਅੱਜ ਮੇਰੇ ਲਫਜ਼ ਚੁੱਪ ਨੇ
rekha mohan
💐अज्ञात के प्रति-120💐
💐अज्ञात के प्रति-120💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आलोचना
आलोचना
Shekhar Chandra Mitra
एकादशी
एकादशी
Shashi kala vyas
हो गये अब अजनबी, यहाँ सभी क्यों मुझसे
हो गये अब अजनबी, यहाँ सभी क्यों मुझसे
gurudeenverma198
World Blood Donar's Day
World Blood Donar's Day
Tushar Jagawat
व्यंग्य क्षणिकाएं
व्यंग्य क्षणिकाएं
Suryakant Dwivedi
चुनिंदा अश'आर
चुनिंदा अश'आर
Dr fauzia Naseem shad
दिवाली मुबारक नई ग़ज़ल विनीत सिंह शायर
दिवाली मुबारक नई ग़ज़ल विनीत सिंह शायर
Vinit kumar
♤ ⛳ मातृभाषा हिन्दी हो ⛳ ♤
♤ ⛳ मातृभाषा हिन्दी हो ⛳ ♤
Surya Barman
इक दिन चंदा मामा बोले ,मेरी प्यारी प्यारी नानी
इक दिन चंदा मामा बोले ,मेरी प्यारी प्यारी नानी
Dr Archana Gupta
दीवानी कान्हा की
दीवानी कान्हा की
rajesh Purohit
हुनर हर जिंदगी का आपने हमको सिखा दिया।
हुनर हर जिंदगी का आपने हमको सिखा दिया।
Phool gufran
हमें कोयले संग हीरे मिले हैं।
हमें कोयले संग हीरे मिले हैं।
surenderpal vaidya
*संस्कारों की दात्री*
*संस्कारों की दात्री*
Poonam Matia
Loading...