Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings
Jun 16, 2016 · 1 min read

ग़ज़ल :– मुहब्बत में कही बातें !!

ग़ज़ल :– मुहब्बत में कही बातें !!

मुहब्बत में कही बातें सुहानी कब नहीं होती !
तुम्हारे प्यार की दुनियाँ दीवानी अब नहीं होती !!

इरादे प्यार के पक्के मुहब्बत में नहीं होते !
नजाकत से भरे दिल की कहानी अब नहीं होती !!

मुहब्बत मुस्कुराई थी जहाँ बागों-बगीचों में !
वो लम्हों की जो यादें हैं पुरानी अब नहीं होती !!

इश्क में दिलों के सौदे तो हर रोज़ होते हैं !
यहाँ कोई ताज सी पावन निशानी अब नहीं होती !!

‘अनुज’ तुम प्यार करके तो हुए बदनाम हो लेकिन !
लुटा साहिल में मैं भी हूँ हैरानी अब नहीं होती !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

345 Views
You may also like:
मेरी भोली ''माँ''
पाण्डेय चिदानन्द
हमसे न अब करो
Dr fauzia Naseem shad
यह सिर्फ़ वर्दी नहीं, मेरी वो दौलत है जो मैंने...
Lohit Tamta
लाचार बूढ़ा बाप
jaswant Lakhara
मुँह इंदियारे जागे दद्दा / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आज अपना सुधार लो
Anamika Singh
जागो राजू, जागो...
मनोज कर्ण
पिता का सपना
Prabhudayal Raniwal
पिता आदर्श नायक हमारे
Buddha Prakash
✍️कश्मकश भरी ज़िंदगी ✍️
Vaishnavi Gupta
सृजन कर्ता है पिता।
Taj Mohammad
जिंदगी
Abhishek Pandey Abhi
इश्क
Anamika Singh
एक पनिहारिन की वेदना
Ram Krishan Rastogi
Green Trees
Buddha Prakash
ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
फूल और कली के बीच का संवाद (हास्य व्यंग्य)
Anamika Singh
एक कतरा मोहब्बत
श्री रमण 'श्रीपद्'
पिता
Shailendra Aseem
✍️पढ़ना ही पड़ेगा ✍️
Vaishnavi Gupta
आदर्श पिता
Sahil
मेरी अभिलाषा
Anamika Singh
Security Guard
Buddha Prakash
पिता
नवीन जोशी 'नवल'
बुन रही सपने रसीले / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
नास्तिक सदा ही रहना...
मनोज कर्ण
साधु न भूखा जाय
श्री रमण 'श्रीपद्'
✍️लक्ष्य ✍️
Vaishnavi Gupta
ओ मेरे साथी ! देखो
Anamika Singh
✍️स्कूल टाइम ✍️
Vaishnavi Gupta
Loading...