Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jan 2023 · 1 min read

गम्भीर हवाओं का रुख है

दुनिया में क्यों दुख ही दुख है
लुप्त हुआ हाय! कहाँ सुख है

नाव घिरे न भंवर में मित्रो
गम्भीर हवाओं का रुख़ है

दिन रैन जले है विरह अगन
देखा ना सजनी का मुख है

मालूम नहीं किस कारण से
मुझसे मेरा यार विमुख है

***

1 Like · 201 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
View all
You may also like:
फूल खिलते जा रहे हैं हो गयी है भोर।
फूल खिलते जा रहे हैं हो गयी है भोर।
surenderpal vaidya
बाल चुभे तो पत्नी बरसेगी बन गोला/आकर्षण से मार कांच का दिल है भामा
बाल चुभे तो पत्नी बरसेगी बन गोला/आकर्षण से मार कांच का दिल है भामा
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मसला सुकून का है; बाकी सब बाद की बाते हैं
मसला सुकून का है; बाकी सब बाद की बाते हैं
Damini Narayan Singh
हिन्दी दिवस
हिन्दी दिवस
Neeraj Agarwal
राम का न्याय
राम का न्याय
Shashi Mahajan
क्या कहूँ ?
क्या कहूँ ?
Niharika Verma
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
# लोकतंत्र .....
# लोकतंत्र .....
Chinta netam " मन "
नेता जी शोध लेख
नेता जी शोध लेख
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
मौत ने पूछा जिंदगी से,
मौत ने पूछा जिंदगी से,
Umender kumar
60 के सोने में 200 के टलहे की मिलावट का गड़बड़झाला / MUSAFIR BAITHA
60 के सोने में 200 के टलहे की मिलावट का गड़बड़झाला / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
Biography Sauhard Shiromani Sant Shri Dr Saurabh
Biography Sauhard Shiromani Sant Shri Dr Saurabh
World News
सावन: मौसम- ए- इश्क़
सावन: मौसम- ए- इश्क़
Jyoti Khari
दिल के अरमान मायूस पड़े हैं
दिल के अरमान मायूस पड़े हैं
Harminder Kaur
*हिंदी भाषा में नुक्तों के प्रयोग का प्रश्न*
*हिंदी भाषा में नुक्तों के प्रयोग का प्रश्न*
Ravi Prakash
छठ व्रत की शुभकामनाएँ।
छठ व्रत की शुभकामनाएँ।
Anil Mishra Prahari
स्वर्ण दलों से पुष्प की,
स्वर्ण दलों से पुष्प की,
sushil sarna
पड़ोसन के वास्ते
पड़ोसन के वास्ते
VINOD CHAUHAN
फितरत अमिट जन एक गहना🌷🌷
फितरत अमिट जन एक गहना🌷🌷
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
व्यक्ति को ह्रदय का अच्छा होना जरूरी है
व्यक्ति को ह्रदय का अच्छा होना जरूरी है
शेखर सिंह
बेपर्दा लोगों में भी पर्दा होता है बिल्कुल वैसे ही, जैसे हया
बेपर्दा लोगों में भी पर्दा होता है बिल्कुल वैसे ही, जैसे हया
Sanjay ' शून्य'
मैं फक्र से कहती हू
मैं फक्र से कहती हू
Naushaba Suriya
बोलने को मिली ज़ुबां ही नहीं
बोलने को मिली ज़ुबां ही नहीं
Shweta Soni
खुशी के पल
खुशी के पल
RAKESH RAKESH
मुझे दर्द सहने की आदत हुई है।
मुझे दर्द सहने की आदत हुई है।
Taj Mohammad
पत्रकारिता सामाजिक दर्पण
पत्रकारिता सामाजिक दर्पण
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
😢मौजूदा दौर😢
😢मौजूदा दौर😢
*प्रणय प्रभात*
रमेशराज की 11 तेवरियाँ
रमेशराज की 11 तेवरियाँ
कवि रमेशराज
ज़िंदगी
ज़िंदगी
Dr fauzia Naseem shad
आज भगवान का बनाया हुआ
आज भगवान का बनाया हुआ
प्रेमदास वसु सुरेखा
Loading...