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15 May 2018 · 1 min read

गजल बन गई

दिल से आबाज आई गजल बन गई
हाथ कलम उठाई गजल बन गई

याद आई तेरी तो धड़कता है दिल,
तेरी यादे हमेशा चुभन बन गई

मेरे सपनो में आई तो दिल खुश हुआ
सूखे फूलो की क्यारी चमन बन गई

हाथ फैला के तूने लगाया गले
दिल से आबाज आई गजल बन गई

आँख लोचन चक्षु नयन बन गई
कृष्णा आंसू बहे चुभन बन गई

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