Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Oct 2016 · 1 min read

खुशबू बिखर गयी ,धरती निखर गयी:जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट१०४)

खुशबू बिखर गयी ( गीत )
*******************
गेंदा , सरसो ,टेसू फूले , खुशबू बिखर गयी ।
पुष्प झरे जब शुभ स्वागत में , धरती निखर गयी ।।

आम्र– तरुज की महक मंजरी आकुल- आतुर है ।
वासंती ऋतु में मधु गुंजित कोयल का स्वर है ।।
कामदेव का बल– सम्बल पा ,शीतल लहर गयी ।
पुष्प झरे जब शुभ स्वागत में, धरती निखर गयी ।।

निखर रहा सौरभ सरसिज का ,तन मन हर्षित है।
रंग– बिरंगी कलियॉ खिलती , अन्तस गर्वित है।
मलयाचल की सुरभि संदली ,मानो सिहर गयी।
पुष्प झरे जब शुभ स्वागत में , धरती निखर गयी।।

——- जितेन्द्र कमल आनंद

Language: Hindi
Tag: गीत
211 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐प्रेम कौतुक-280💐
💐प्रेम कौतुक-280💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Wishing you a very happy,
Wishing you a very happy,
DrChandan Medatwal
#जयहिंद
#जयहिंद
Rashmi Ranjan
रक्तदान
रक्तदान
Dr. Pradeep Kumar Sharma
तुम्हें
तुम्हें
Dr.Pratibha Prakash
"ഓണാശംസകളും ആശംസകളും"
DrLakshman Jha Parimal
शहर में बिखरी है सनसनी सी ,
शहर में बिखरी है सनसनी सी ,
Manju sagar
चोला रंग बसंती
चोला रंग बसंती
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
बादल और बरसात
बादल और बरसात
Neeraj Agarwal
चंदू और बकरी चाँदनी
चंदू और बकरी चाँदनी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
धैर्य धरोगे मित्र यदि, सब कुछ होता जाय
धैर्य धरोगे मित्र यदि, सब कुछ होता जाय
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Gazal
Gazal
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
Meditation
Meditation
Ravikesh Jha
गणतंत्र दिवस
गणतंत्र दिवस
विजय कुमार अग्रवाल
★रात की बात★
★रात की बात★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस
अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
कुछ लोग बात तो बहुत अच्छे कर लेते हैं, पर उनकी बातों में विश
कुछ लोग बात तो बहुत अच्छे कर लेते हैं, पर उनकी बातों में विश
जय लगन कुमार हैप्पी
इंसान भीतर से यदि रिक्त हो
इंसान भीतर से यदि रिक्त हो
ruby kumari
आ जाते हैं जब कभी, उमड़ घुमड़ घन श्याम।
आ जाते हैं जब कभी, उमड़ घुमड़ घन श्याम।
surenderpal vaidya
*परिवार: सात दोहे*
*परिवार: सात दोहे*
Ravi Prakash
"कुछ तो सोचो"
Dr. Kishan tandon kranti
"चिढ़ अगर भीगने से है तो
*Author प्रणय प्रभात*
कितनी आवाज़ दी
कितनी आवाज़ दी
Dr fauzia Naseem shad
दान की महिमा
दान की महिमा
Dr. Mulla Adam Ali
अपने अपने युद्ध।
अपने अपने युद्ध।
Lokesh Singh
“जिंदगी की राह ”
“जिंदगी की राह ”
Yogendra Chaturwedi
23/204. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/204. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
संघर्ष के बिना
संघर्ष के बिना
gurudeenverma198
माँ
माँ
ओंकार मिश्र
प्रेम में डूब जाने वाले,
प्रेम में डूब जाने वाले,
Buddha Prakash
Loading...