Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jul 2016 · 1 min read

खुद सूरदास की आँखों से …….

देखा महादेवी, दिनकर को और पंत, निराला देखा है,
हमने मंदी के दौर सहे और कभी उछाला देखा है,
क्या युग था कवि का, कविता का था शब्दों का सम्मान बढ़ा,
कितने मंचों पर हिंदी का, पिटते दीवाला देखा है ।

हमने नीरज के हाथों में, देखा है गीतों का प्याला,
भर भर के जाम पिलायी थी दुष्यंत ने ग़ज़लों की हाला,
थी कैसी अनबुझ प्यास पिओ उतनी ही बढ़ती जाती थी
हमने बच्चन को कन्धों पर ढो़ते मधुशाला देखा है ।

रसखानी छंदों में डूबा पूरा ब्रज, डूबी ब्रजबाला,
मीरा ने अपने भजनों में गाया था गिरधर गोपाला,
नानक, तुलसी, कबीरा, दादू क्या इनका कोई सानी था,
खुद सूरदास की आँखों से हमने नन्दलाला देखा है ।

वो दिन भी आयेगा फिर से, जब मान बढ़ेगा हिन्दी का,
भारत माता के शीश मुकुट पर चाँद चढ़ेगा हिन्दी का,
सब इक-इक दीप जलाएंगे तो अन्धियारा मिट जाएगा,
हमने तो स्याह सुरंगों के उस पार उजाला देखा है ।

-आर०सी० शर्मा “आरसी”

Language: Hindi
Tag: गीत
4 Comments · 531 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
विश्वास
विश्वास
Dr fauzia Naseem shad
आँसू छलके आँख से,
आँसू छलके आँख से,
sushil sarna
🙏आप सभी को सपरिवार
🙏आप सभी को सपरिवार
Neelam Sharma
3045.*पूर्णिका*
3045.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कुन का महल
कुन का महल
Satish Srijan
सरस्वती वंदना-3
सरस्वती वंदना-3
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
तू है तो फिर क्या कमी है
तू है तो फिर क्या कमी है
Surinder blackpen
यूं हर हर क़दम-ओ-निशां पे है ज़िल्लतें
यूं हर हर क़दम-ओ-निशां पे है ज़िल्लतें
Aish Sirmour
संघर्ष वह हाथ का गुलाम है
संघर्ष वह हाथ का गुलाम है
प्रेमदास वसु सुरेखा
क़दर करना क़दर होगी क़दर से शूल फूलों में
क़दर करना क़दर होगी क़दर से शूल फूलों में
आर.एस. 'प्रीतम'
उदासी
उदासी
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
निराला जी पर दोहा
निराला जी पर दोहा
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
मंजिल का आखरी मुकाम आएगा
मंजिल का आखरी मुकाम आएगा
कवि दीपक बवेजा
इस दरिया के पानी में जब मिला,
इस दरिया के पानी में जब मिला,
Sahil Ahmad
पहले तेरे हाथों पर
पहले तेरे हाथों पर
The_dk_poetry
विरान तो
विरान तो
rita Singh "Sarjana"
अहिल्या
अहिल्या
Dr.Priya Soni Khare
#शेर
#शेर
*Author प्रणय प्रभात*
अपने मन के भाव में।
अपने मन के भाव में।
Vedha Singh
सुबह भी तुम, शाम भी तुम
सुबह भी तुम, शाम भी तुम
Writer_ermkumar
क्यूं हँसते है लोग दूसरे को असफल देखकर
क्यूं हँसते है लोग दूसरे को असफल देखकर
Praveen Sain
उस जमाने को बीते जमाने हुए
उस जमाने को बीते जमाने हुए
Gouri tiwari
रिश्तों की रिक्तता
रिश्तों की रिक्तता
पूर्वार्थ
"उल्लास"
Dr. Kishan tandon kranti
सेवा की महिमा कवियों की वाणी रहती गाती है
सेवा की महिमा कवियों की वाणी रहती गाती है
महेश चन्द्र त्रिपाठी
रात अज़ब जो स्वप्न था देखा।।
रात अज़ब जो स्वप्न था देखा।।
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
चली गई है क्यों अंजू , तू पाकिस्तान
चली गई है क्यों अंजू , तू पाकिस्तान
gurudeenverma198
कैद अधरों मुस्कान है
कैद अधरों मुस्कान है
Dr. Sunita Singh
💐Prodigy Love-15💐
💐Prodigy Love-15💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...