Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Jul 2023 · 1 min read

*खिलता है जब फूल तो, करता जग रंगीन (कुंडलिया)*

खिलता है जब फूल तो, करता जग रंगीन (कुंडलिया)

खिलता है जब फूल तो, करता जग रंगीन
लुभा रहा संसार को, मस्ती में यह लीन
मस्ती में यह लीन, पेड़ पर चहुॅंदिशि छाया
हर्षित करता व्योम, धरा पर खुशियॉं लाया
कहते रवि कविराय, मूल से यदि जल मिलता
घना पेड़ बहुरंग, संग फूलों के खिलता

रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

101 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
गज़ल
गज़ल
करन ''केसरा''
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Just like a lonely star, I am staying here visible but far.
Just like a lonely star, I am staying here visible but far.
Manisha Manjari
Speciality comes from the new arrival .
Speciality comes from the new arrival .
Sakshi Tripathi
#मुक्तक
#मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
मंजिल का आखरी मुकाम आएगा
मंजिल का आखरी मुकाम आएगा
कवि दीपक बवेजा
अंदाज़े शायरी
अंदाज़े शायरी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"किस पर लिखूँ?"
Dr. Kishan tandon kranti
मैं तो महज आईना हूँ
मैं तो महज आईना हूँ
VINOD CHAUHAN
मंज़र
मंज़र
अखिलेश 'अखिल'
3085.*पूर्णिका*
3085.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
लौटना पड़ा वहाँ से वापस
लौटना पड़ा वहाँ से वापस
gurudeenverma198
*बादल दोस्त हमारा (बाल कविता)*
*बादल दोस्त हमारा (बाल कविता)*
Ravi Prakash
जीवन से पहले या जीवन के बाद
जीवन से पहले या जीवन के बाद
Mamta Singh Devaa
मूहूर्त
मूहूर्त
Neeraj Agarwal
तुम नि:शब्द साग़र से हो ,
तुम नि:शब्द साग़र से हो ,
Stuti tiwari
लिखना पूर्ण विकास नहीं है बल्कि आप के बारे में दूसरे द्वारा
लिखना पूर्ण विकास नहीं है बल्कि आप के बारे में दूसरे द्वारा
Rj Anand Prajapati
नारी
नारी
Bodhisatva kastooriya
जो समझदारी से जीता है, वह जीत होती है।
जो समझदारी से जीता है, वह जीत होती है।
Sidhartha Mishra
न ठंड ठिठुरन, खेत न झबरा,
न ठंड ठिठुरन, खेत न झबरा,
Sanjay ' शून्य'
शुक्रिया जिंदगी!
शुक्रिया जिंदगी!
Madhavi Srivastava
बस फेर है नज़र का हर कली की एक अपनी ही बेकली है
बस फेर है नज़र का हर कली की एक अपनी ही बेकली है
Atul "Krishn"
आज़ादी का जश्न
आज़ादी का जश्न
Shekhar Chandra Mitra
सफर
सफर
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
!! चुनौती !!
!! चुनौती !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
दोहा छन्द
दोहा छन्द
नाथ सोनांचली
हमनें ढूंढा नहीं कभी खुद को
हमनें ढूंढा नहीं कभी खुद को
Dr fauzia Naseem shad
जिसने हर दर्द में मुस्कुराना सीख लिया उस ने जिंदगी को जीना स
जिसने हर दर्द में मुस्कुराना सीख लिया उस ने जिंदगी को जीना स
Swati
दोहे - झटपट
दोहे - झटपट
Mahender Singh
Just in case no one has told you this today, I’m so proud of
Just in case no one has told you this today, I’m so proud of
पूर्वार्थ
Loading...