Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jun 2023 · 1 min read

— क्लेश तब और अब –

शब्द अपने आप में ही
भरा हुआ है , गुस्से से
कलेश तब भी था और
क्लेश आज भी है !!

पहले होते थे परिवार में
एक के 10 -12 बच्चे
आज घट का है संख्या
होने लगे 1 -2 ही बच्चे !!

किस घर में नहीं होती थी
तब भी छोटी छोटी बातें
क़त्ल नहीं करता था कोई
निकल आती थी समाधान से
हर घर की सब बातें !!

आज क्लेश ने कर दिआ
परिवारों का ही सत्यानाश
खून खून का प्यासा हो गया
हर घर का वंशवाद !!

जरा सी बात न सहन करता
इतना खून उबलता है
पल भर में निकाल के गोली
जिस्म पर वार वो करता है !!

नहीं आती थी कभी इतनी ख़बरें
न होते थे कभी खून खराबे
अपने ही हाथो से उजाड़ रहे हैं
घर में ही साथ रहने वाले !!

नहीं मिलेगी निजात आगे भी
इस से बद्ततर दुर्दशा होगी
न जाने किस जन्म के कर्मो
के फल की सजा मिलेगी !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Language: Hindi
107 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
View all
You may also like:
अपनी इबादत पर गुरूर मत करना.......
अपनी इबादत पर गुरूर मत करना.......
shabina. Naaz
चुप्पी और गुस्से का वर्णभेद / MUSAFIR BAITHA
चुप्पी और गुस्से का वर्णभेद / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
जिंदगी जीने का सबका अलग सपना
जिंदगी जीने का सबका अलग सपना
कवि दीपक बवेजा
ए कुदरत के बंदे ,तू जितना तन को सुंदर रखे।
ए कुदरत के बंदे ,तू जितना तन को सुंदर रखे।
Shutisha Rajput
हरियाणा दिवस की बधाई
हरियाणा दिवस की बधाई
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
डिग्रियों का कभी अभिमान मत करना,
डिग्रियों का कभी अभिमान मत करना,
Ritu Verma
मां जैसा ज्ञान देते
मां जैसा ज्ञान देते
Harminder Kaur
जिंदगी की पहेली
जिंदगी की पहेली
RAKESH RAKESH
निर्झरिणी है काव्य की, झर झर बहती जाय
निर्झरिणी है काव्य की, झर झर बहती जाय
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
सारा सिस्टम गलत है
सारा सिस्टम गलत है
Dr. Pradeep Kumar Sharma
तुम - दीपक नीलपदम्
तुम - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
"कोई तो है"
Dr. Kishan tandon kranti
कहाॅ॑ है नूर
कहाॅ॑ है नूर
VINOD CHAUHAN
बारिश
बारिश
Sushil chauhan
रदुतिया
रदुतिया
Nanki Patre
रक्षाबंधन
रक्षाबंधन
Rashmi Sanjay
साहित्य - संसार
साहित्य - संसार
Shivkumar Bilagrami
पद्मावती छंद
पद्मावती छंद
Subhash Singhai
सीधी मुतधार में सुधार
सीधी मुतधार में सुधार
मानक लाल मनु
लिफाफे में दिया क्या है (मुक्तक)
लिफाफे में दिया क्या है (मुक्तक)
Ravi Prakash
सच्चा प्यार
सच्चा प्यार
Mukesh Kumar Sonkar
काल चक्र कैसा आया यह, लोग दिखावा करते हैं
काल चक्र कैसा आया यह, लोग दिखावा करते हैं
पूर्वार्थ
....प्यार की सुवास....
....प्यार की सुवास....
Awadhesh Kumar Singh
न जाने क्या ज़माना चाहता है
न जाने क्या ज़माना चाहता है
Dr. Alpana Suhasini
*Dr Arun Kumar shastri*
*Dr Arun Kumar shastri*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
न
न "लाइटर", न "फ़ाइटर।"
*Author प्रणय प्रभात*
"तुम्हारी गली से होकर जब गुजरता हूं,
Aman Kumar Holy
कितना खाली खालीपन है !
कितना खाली खालीपन है !
Saraswati Bajpai
2728.*पूर्णिका*
2728.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हम
हम
Ankit Kumar
Loading...