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15 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-130💐

कोई है जो मुझसे बद-मंज़र निकाले,
इस दिल में चुभे हुए खंज़र निकाले।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
179 Views
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