Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Jun 2016 · 1 min read

कुण्डलियाँ

अपनी अपनी अहमियत, सूई या तलवार ।
उपयोगी हैं भूख में, केवल रोटी चार ॥
केवल रोटी चार, नहीं खा सकते सोना ।
सूई का कुछ काम, न तलवारों से होना ।
‘ठकुरेला’ कविराय, सभी की माला जपनी ।
बड़ा हो कि लघुरूप, अहमियत सबकी अपनी ॥

सोना तपता आग में, और निखरता रूप।
कभी न रुकते साहसी, छाया हो या धूप॥
छाया हो या धूप, बहुत सी बाधा आयें।
कभी न बनें अधीर, नहीं मन में घबरायें।
‘ठकुरेला’ कविराय, दुखों से कैसा रोना।
निखरे सहकर कष्ट, आदमी हो या सोना॥

— त्रिलोक सिंह ठकुरेला

2 Likes · 4 Comments · 535 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मोदी जी
मोदी जी
Shivkumar Bilagrami
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
राम नाम अतिसुंदर पथ है।
राम नाम अतिसुंदर पथ है।
Vijay kumar Pandey
"नजरिया"
Dr. Kishan tandon kranti
"टी शर्ट"
Dr Meenu Poonia
गौरी।
गौरी।
Acharya Rama Nand Mandal
अधूरा सफ़र
अधूरा सफ़र
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
बेशरम रंग
बेशरम रंग
मनोज कर्ण
गाँधी जी की अंगूठी (काव्य)
गाँधी जी की अंगूठी (काव्य)
Ravi Prakash
ଆପଣ କିଏ??
ଆପଣ କିଏ??
Otteri Selvakumar
बेवकूफ
बेवकूफ
Tarkeshwari 'sudhi'
पीड़ा भी मूक थी
पीड़ा भी मूक थी
Dr fauzia Naseem shad
वट सावित्री अमावस्या
वट सावित्री अमावस्या
नवीन जोशी 'नवल'
प्यार के मायने बदल गयें हैं
प्यार के मायने बदल गयें हैं
SHAMA PARVEEN
घाघरा खतरे के निशान से ऊपर
घाघरा खतरे के निशान से ऊपर
Ram Krishan Rastogi
वक्त कि ये चाल अजब है,
वक्त कि ये चाल अजब है,
SPK Sachin Lodhi
दोस्ती
दोस्ती
राजेश बन्छोर
अन्न देवता
अन्न देवता
Dr. Girish Chandra Agarwal
एक साहसी पत्रकार
एक साहसी पत्रकार
Shekhar Chandra Mitra
दोस्ती पर वार्तालाप (मित्रता की परिभाषा)
दोस्ती पर वार्तालाप (मित्रता की परिभाषा)
Er.Navaneet R Shandily
■ आक्रमण...
■ आक्रमण...
*Author प्रणय प्रभात*
एक अर्सा हुआ है
एक अर्सा हुआ है
हिमांशु Kulshrestha
हिकायत से लिखी अब तख्तियां अच्छी नहीं लगती
हिकायत से लिखी अब तख्तियां अच्छी नहीं लगती
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
संस्कार संयुक्त परिवार के
संस्कार संयुक्त परिवार के
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
सुख मेरा..!
सुख मेरा..!
Hanuman Ramawat
अब की बार पत्थर का बनाना ए खुदा
अब की बार पत्थर का बनाना ए खुदा
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
💐प्रेम कौतुक-242💐
💐प्रेम कौतुक-242💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
The_dk_poetry
मैं नहीं हो सका, आपका आदतन
मैं नहीं हो सका, आपका आदतन
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मेरी तकलीफ़ पे तुझको भी रोना चाहिए।
मेरी तकलीफ़ पे तुझको भी रोना चाहिए।
पूर्वार्थ
Loading...