Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Oct 2022 · 1 min read

कुड़माई (कुंडलिया)

कुड़माई (कुंडलिया)
■■■■■■■■■■■■■■■■
कुड़माई का अर्थ है , सपने कई हजार
इसमें दिल से दिल मिले ,दिल का यह त्यौहार
दिल का यह त्यौहार ,जुड़ा जीवन का नाता
अब जिस से संबंध ,साथ उससे ही भाता
कहते रवि कविराय ,बसंती ऋतु ज्यों छाई
लग जाते हैं पंख , हुई जिनकी कुड़माई
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””
रचयिता : रवि प्रकाश , बाजार सर्राफा
रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””
कुड़माई = सगाई , शादी से पूर्व की जाने वाली रस्म

148 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
झुका के सर, खुदा की दर, तड़प के रो दिया मैने
झुका के सर, खुदा की दर, तड़प के रो दिया मैने
Kumar lalit
भावात्मक
भावात्मक
Surya Barman
मेरी रातों की नींद क्यों चुराते हो
मेरी रातों की नींद क्यों चुराते हो
Ram Krishan Rastogi
दर्द उसे होता है
दर्द उसे होता है
Harminder Kaur
ओस की बूंद
ओस की बूंद
RAKESH RAKESH
" चलन "
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
पल का मलाल
पल का मलाल
Punam Pande
*
*"मुस्कराने की वजह सिर्फ तुम्हीं हो"*
Shashi kala vyas
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*तुम न आये*
*तुम न आये*
Kavita Chouhan
प्यारी ननद - कहानी
प्यारी ननद - कहानी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
ये धोखेबाज लोग
ये धोखेबाज लोग
gurudeenverma198
3036.*पूर्णिका*
3036.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
चाय पार्टी
चाय पार्टी
Mukesh Kumar Sonkar
शर्तों मे रह के इश्क़ करने से बेहतर है,
शर्तों मे रह के इश्क़ करने से बेहतर है,
पूर्वार्थ
*अभी तो घोंसले में है, विहग के पंख खुलने दो (मुक्तक)*
*अभी तो घोंसले में है, विहग के पंख खुलने दो (मुक्तक)*
Ravi Prakash
|| हवा चाल टेढ़ी चल रही है ||
|| हवा चाल टेढ़ी चल रही है ||
Dr Pranav Gautam
I am not born,
I am not born,
Ankita Patel
तेरा-मेरा साथ, जीवन भर का...
तेरा-मेरा साथ, जीवन भर का...
Sunil Suman
बात
बात
Ajay Mishra
सब समझें पर्व का मर्म
सब समझें पर्व का मर्म
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
तेरी सुंदरता पर कोई कविता लिखते हैं।
तेरी सुंदरता पर कोई कविता लिखते हैं।
Taj Mohammad
"जानिब"
Dr. Kishan tandon kranti
अर्पण है...
अर्पण है...
Er. Sanjay Shrivastava
भावनाओं का प्रबल होता मधुर आधार।
भावनाओं का प्रबल होता मधुर आधार।
surenderpal vaidya
#लघुकथा
#लघुकथा
*Author प्रणय प्रभात*
प्रभु राम अवध वापस आये।
प्रभु राम अवध वापस आये।
Kuldeep mishra (KD)
रुपयों लदा पेड़ जो होता ,
रुपयों लदा पेड़ जो होता ,
Vedha Singh
माना मन डरपोक है,
माना मन डरपोक है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
जीवन के किसी भी
जीवन के किसी भी
Dr fauzia Naseem shad
Loading...