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1 Jul 2023 · 1 min read

कुछ यथार्थ कुछ कल्पना कुछ अरूप कुछ रूप।

कुछ यथार्थ कुछ कल्पना कुछ अरूप कुछ रूप।
स्वप्न -सृष्टि -संवेदना अद्भुत अगम अनूप ।

-महेन्द्र नारायण

2 Likes · 1 Comment · 147 Views
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