Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Jun 2023 · 1 min read

!! कुछ दिन और !!

खड़ी दुपहरी की तपिस में
छांव की खोज में रहिएगा
जिस गांव में बचपन गुजरा है
उस गांव की ख़ोज में रहिएगा

तुझमें बसती दुनियां जिसकी
सम्हाल के रक्खा आंचल में
जिस माँ ने तुझको जन्म दिया
उस माँ की ख़ोज में रहिएगा

भौतिक सुविधा के चक्कर में
दिनभर बौराया रहता है
जो पल दे सके सकूं तुझको
उस पल की ख़ोज में रहिएगा

बढ़ चली है,मन की अकुलाहट
क्या बचा है,अब क्या कहिएगा
जिस विधि इस समय को काट सके
उस विधि के ख़ोज में रहिएगा

अतिशय ताप से धरती सहमी
घर में ही चैन से रहिएगा
कुछ दिन और कष्ट के सह लीजिए
“चुन्नु” ताउम्र मौज़ में रहिएगा

•••• कलमकार ••••
चुन्नू लाल गुप्ता-मऊ (उ.प्र.)

1 Like · 2 Comments · 439 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ज़िन्दगी
ज़िन्दगी
Santosh Shrivastava
■ क़तआ (मुक्तक)
■ क़तआ (मुक्तक)
*प्रणय प्रभात*
स्वप्न लोक के खिलौने - दीपक नीलपदम्
स्वप्न लोक के खिलौने - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
मैं तुम्हें यूँ ही
मैं तुम्हें यूँ ही
हिमांशु Kulshrestha
अमृत मयी गंगा जलधारा
अमृत मयी गंगा जलधारा
Ritu Asooja
सावन का महीना
सावन का महीना
विजय कुमार अग्रवाल
तेरे भीतर ही छिपा,
तेरे भीतर ही छिपा,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
"चंचल काव्या"
Dr Meenu Poonia
तुम आये तो हमें इल्म रोशनी का हुआ
तुम आये तो हमें इल्म रोशनी का हुआ
sushil sarna
Next
Next
Rajan Sharma
ऐ ज़िन्दगी!
ऐ ज़िन्दगी!
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
प्रेम और घृणा से ऊपर उठने के लिए जागृत दिशा होना अनिवार्य है
प्रेम और घृणा से ऊपर उठने के लिए जागृत दिशा होना अनिवार्य है
Ravikesh Jha
पिया घर बरखा
पिया घर बरखा
Kanchan Khanna
रात-दिन जो लगा रहता
रात-दिन जो लगा रहता
Dhirendra Singh
रखा जाता तो खुद ही रख लेते...
रखा जाता तो खुद ही रख लेते...
कवि दीपक बवेजा
दुआ नहीं होना
दुआ नहीं होना
Dr fauzia Naseem shad
मैं सुर हूॅ॑ किसी गीत का पर साज तुम्ही हो
मैं सुर हूॅ॑ किसी गीत का पर साज तुम्ही हो
VINOD CHAUHAN
*पुस्तक समीक्षा*
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
लिखना है मुझे वह सब कुछ
लिखना है मुझे वह सब कुछ
पूनम कुमारी (आगाज ए दिल)
हंस
हंस
Dr. Seema Varma
जी.आज़ाद मुसाफिर भाई
जी.आज़ाद मुसाफिर भाई
gurudeenverma198
कोहरा
कोहरा
Ghanshyam Poddar
विषय--विजयी विश्व तिरंगा
विषय--विजयी विश्व तिरंगा
रेखा कापसे
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
Dr Archana Gupta
वो हमसे पराये हो गये
वो हमसे पराये हो गये
Dr. Man Mohan Krishna
सोचो
सोचो
Dinesh Kumar Gangwar
🚩साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।
🚩साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मेरे   परीकल्पनाओं   की   परिणाम   हो  तुम
मेरे परीकल्पनाओं की परिणाम हो तुम
पूर्वार्थ
स्वप्न लोक के वासी भी जगते- सोते हैं।
स्वप्न लोक के वासी भी जगते- सोते हैं।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
24/232. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/232. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...