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8 Jul 2016 · 1 min read

किस ओर ज़िन्दगी है!

आँसुओं के बाढ़ में खुशियाँ फ़ना हुयी हैं!
जब-जब हँसी हूँ मैं खुद की नज़र लगी है!
जाना कभी नही ये किस ओर ज़िन्दगी है!
हम साथ चल दिये बस जिस ओर ले चली है!..ज्योतिमा

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
3 Comments · 304 Views
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