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4 Jan 2024 · 1 min read

कामनाओं का चक्रव्यूह, प्रतिफल चलता रहता है

कामनाओं का चक्रव्यूह, प्रतिफल चलता रहता है
अंतहीन इच्छाओं का, सिलसिला चलता रहता है
कामनाओं का पुतला है, कामनाएं बुनते रहता है
भौतिकवाद अंधानुकरण में, जीवन भर चलते रहता है
असीमित कामनाओं में फंसकर, जीवन इतिश्री कर लेता है

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