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8 Jul 2023 · 1 min read

कहा था जिसे अपना दुश्मन सभी ने

कहा था जिसे अपना दुश्मन सभी ने
भँवर से निकाला हमें तो उसी ने

जिसे मैं समझता रहा दोस्त अपना
मेरी पीठ में घोंपा खंजर उसी ने

न मुझको रहा दोस्ती पे भरोसा
सबक इस तरह का सिखाया किसी ने

सभी तो फ़क़त ख़ूब हँसते थे मुझ पे
हँसाया नहीं पर कभी भी किसी ने

लगा याद करने पुराने ज़माने
वो दिन सब बुरे थे बताया ‘अभी’ ने

-जॉनी अहमद क़ैस

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