Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Oct 2023 · 1 min read

कहनी चाही कभी जो दिल की बात…

कहनी चाही कभी जो दिल की बात,
कभी भी हम कह न सके,
करनी चाही जो तुमसे मुलाकात,
कभी भी हम कर न सके…

तेरी यादों में हरपल तड़पते रहे,
आहें भर-भर के करवट बदलते रहे,
यूं ही बीत गई सारी-सारी रात,
कभी भी हम सो न सके,
कहनी चाही कभी जो दिल की बात,
कभी भी हम कह न सके…

काहे बेदर्दी मुझसे जुदा हो गया,
मेरी आंखों से निंदिया चुरा ले गया,
ग़म की मिलने लगी रे सौगात,
कभी भी खुश रह न सके,
कहनी चाही कभी जो दिल की बात,
कभी भी हम कह न सके…

सारा जीवन में तुझपे ही ‘अर्पन’ करूं,
‘आठों यामों’ में तेरी ही ‘पूजा’ करूं,
अश्क झिलमिल करें रे दिन-रात,
कभी भी हम हंस ना सके,
कहनी चाही कभी जो दिल की बात,
कभी भी हम कह न सके…

-✍️ सुनील सुमन

185 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
न किसी से कुछ कहूँ
न किसी से कुछ कहूँ
ruby kumari
हम समुंदर का है तेज, वह झरनों का निर्मल स्वर है
हम समुंदर का है तेज, वह झरनों का निर्मल स्वर है
Shubham Pandey (S P)
ऐसी गुस्ताखी भरी नजर से पता नहीं आपने कितनों के दिलों का कत्
ऐसी गुस्ताखी भरी नजर से पता नहीं आपने कितनों के दिलों का कत्
Sukoon
बहुत संभाल कर रखी चीजें
बहुत संभाल कर रखी चीजें
Dheerja Sharma
Expectations
Expectations
पूर्वार्थ
🙏
🙏
Neelam Sharma
सबरी के जूठे बेर चखे प्रभु ने उनका उद्धार किया।
सबरी के जूठे बेर चखे प्रभु ने उनका उद्धार किया।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
2679.*पूर्णिका*
2679.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
शिक्षक दिवस पर गुरुवृंद जनों को समर्पित
शिक्षक दिवस पर गुरुवृंद जनों को समर्पित
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
ओझल मनुआ मोय
ओझल मनुआ मोय
श्रीहर्ष आचार्य
हिस्से की धूप
हिस्से की धूप
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
प्रेम!
प्रेम!
कविता झा ‘गीत’
भ्रातृ चालीसा....रक्षा बंधन के पावन पर्व पर
भ्रातृ चालीसा....रक्षा बंधन के पावन पर्व पर
डॉ.सीमा अग्रवाल
*लक्ष्मी प्रसाद जैन 'शाद' एडवोकेट और उनकी सेवाऍं*
*लक्ष्मी प्रसाद जैन 'शाद' एडवोकेट और उनकी सेवाऍं*
Ravi Prakash
"अमर रहे गणतंत्र" (26 जनवरी 2024 पर विशेष)
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
#विषय --रक्षा बंधन
#विषय --रक्षा बंधन
rekha mohan
पेंशन प्रकरणों में देरी, लापरवाही, संवेदनशीलता नहीं रखने बाल
पेंशन प्रकरणों में देरी, लापरवाही, संवेदनशीलता नहीं रखने बाल
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
शुम प्रभात मित्रो !
शुम प्रभात मित्रो !
Mahesh Jain 'Jyoti'
अनुसंधान
अनुसंधान
AJAY AMITABH SUMAN
खो गए हैं ये धूप के साये
खो गए हैं ये धूप के साये
Shweta Soni
"स्वभाव"
Dr. Kishan tandon kranti
मजदूरों से पूछिए,
मजदूरों से पूछिए,
sushil sarna
नव वर्ष हमारे आए हैं
नव वर्ष हमारे आए हैं
Er.Navaneet R Shandily
आसान नहीं
आसान नहीं
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
हाँ ये सच है कि मैं उससे प्यार करता हूँ
हाँ ये सच है कि मैं उससे प्यार करता हूँ
Dr. Man Mohan Krishna
ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਗਲਿਆਰੇ
ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਗਲਿਆਰੇ
Surinder blackpen
122 122 122 12
122 122 122 12
SZUBAIR KHAN KHAN
,,,,,,,,,,,,?
,,,,,,,,,,,,?
शेखर सिंह
ख्वाब उसका पूरा नहीं हुआ
ख्वाब उसका पूरा नहीं हुआ
gurudeenverma198
बिखरा ख़ज़ाना
बिखरा ख़ज़ाना
Amrita Shukla
Loading...