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10 Oct 2023 · 1 min read

“कष्ट”

“कष्ट”
कष्ट ही तो वह प्रेरक शक्ति है।
जो मनुष्य को कसौटी पर,
परखती है।
और आगे बढ़ाती है।
!!जोहार!!

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