Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Feb 2017 · 1 min read

कश्मीर की तस्वीर

एक दिन सपने में देखा अपना प्यारा कश्मीर,
“स्वर्ग से सुंदर ” धरा की उजड़ी हुई तस्वीर I

आदमी को आदमी का लहू पीते देखा ,
इंसान को भेड़-बकरियों की तरह बिकते देखा ,
बूढी आँखों में बेबसी के दर्दों को देखा ,
बिछड़े दिलों में “हिंदुस्तान से प्यार देखा” I

एक दिन सपने में देखा अपना प्यारा कश्मीर,
“स्वर्ग से सुंदर ”धरा की उजड़ी हुई तस्वीर I

शस्य-श्यामला धरती पर मचा कैसा कोहराम ?
लड़तें हैं अपनों से, उन्हें चाहिए बस अलग नाम ,
भूल गए “जहाँ के मालिक” का भी प्यारा पैगाम,
जिंदगी लेना-देना केवल उस मालिक का है काम I

एक दिन सपने में देखा अपना प्यारा कश्मीर,
“स्वर्ग से सुंदर ”धरा की उजड़ी हुई तस्वीर I

“भारत के मस्तक” पर मेरे दोस्त ने नज़र डाली ,
“भूल गया अंजाम-ए-हस्र ” फिर भी नज़र डाली,
“शीशे के महल” में रहने वालों ने नज़र डाली,
“लोकतंत्र’ का दम तोड़ने वालों ने नज़र डाली I

एक दिन सपने में देखा अपना प्यारा कश्मीर,
“स्वर्ग से सुंदर ”धरा की उजड़ी हुई तस्वीर I

“ राज ” सपने का मकसद गया जान,
अब न रह गया वह इससे अनजान ,
“कफ़न” बेचने वाले चला रहे अपनी दुकान,
सदैव रहेगा सिरमौर कश्मीर महान ,कश्मीर महान I

देशराज “राज”
कानपुर

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 920 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
किसी और से नहीं क्या तुमको मोहब्बत
किसी और से नहीं क्या तुमको मोहब्बत
gurudeenverma198
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
ओनिका सेतिया 'अनु '
अर्पण है...
अर्पण है...
इंजी. संजय श्रीवास्तव
छोड़ जाते नही पास आते अगर
छोड़ जाते नही पास आते अगर
कृष्णकांत गुर्जर
ये जिन्दगी तुम्हारी
ये जिन्दगी तुम्हारी
VINOD CHAUHAN
आज वो दौर है जब जिम करने वाला व्यक्ति महंगी कारें खरीद रहा ह
आज वो दौर है जब जिम करने वाला व्यक्ति महंगी कारें खरीद रहा ह
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
प्रेम
प्रेम
Sanjay ' शून्य'
मै खामोश हूँ , कमज़ोर नहीं , मेरे सब्र का  इम्तेहान न ले ,
मै खामोश हूँ , कमज़ोर नहीं , मेरे सब्र का इम्तेहान न ले ,
Neelofar Khan
सुख दुख
सुख दुख
Sûrëkhâ
ग़ज़ल -1222 1222 122 मुफाईलुन मुफाईलुन फऊलुन
ग़ज़ल -1222 1222 122 मुफाईलुन मुफाईलुन फऊलुन
Neelam Sharma
बिन चाहें तेरे गले का हार क्यों बनना
बिन चाहें तेरे गले का हार क्यों बनना
Keshav kishor Kumar
राम रहीम और कान्हा
राम रहीम और कान्हा
Dinesh Kumar Gangwar
जेष्ठ अमावस माह का, वट सावित्री पर्व
जेष्ठ अमावस माह का, वट सावित्री पर्व
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
नींद आज नाराज हो गई,
नींद आज नाराज हो गई,
Vindhya Prakash Mishra
मुट्ठी भर रेत है जिंदगी
मुट्ठी भर रेत है जिंदगी
Suryakant Dwivedi
जीवन
जीवन
Bodhisatva kastooriya
दोहा छंद विधान
दोहा छंद विधान
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
गुजरे हुए वक्त की स्याही से
गुजरे हुए वक्त की स्याही से
Karishma Shah
किसने यहाँ
किसने यहाँ
Dr fauzia Naseem shad
सावन‌....…......हर हर भोले का मन भावन
सावन‌....…......हर हर भोले का मन भावन
Neeraj Agarwal
मेरे सब्र की इंतहां न ले !
मेरे सब्र की इंतहां न ले !
ओसमणी साहू 'ओश'
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मदर्स डे
मदर्स डे
Satish Srijan
2644.पूर्णिका
2644.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
अपवाद
अपवाद
Dr. Kishan tandon kranti
🙏 🌹गुरु चरणों की धूल🌹 🙏
🙏 🌹गुरु चरणों की धूल🌹 🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
गुस्ल ज़ुबान का करके जब तेरा एहतराम करते हैं।
गुस्ल ज़ुबान का करके जब तेरा एहतराम करते हैं।
Phool gufran
*प्रभु का संग परम सुखदाई (चौपाइयॉं)*
*प्रभु का संग परम सुखदाई (चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
समुन्दर को हुआ गुरुर,
समुन्दर को हुआ गुरुर,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
दशमेश गुरु गोविंद सिंह जी
दशमेश गुरु गोविंद सिंह जी
Harminder Kaur
Loading...