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3 Oct 2022 · 1 min read

कलम की नश्तर

नासूर हो चुके
ज़ख्मों पर!
चला गए हैं
तेज़ नश्तर!!
इस समाज की
सेहत के लिए!
भगतसिंह और
आम्बेडकर!!
#BhagatSingh #Ambedkar #हक़
#विद्रोही #इंकलाब #बगावत #जाति
#casteism #varna #rebel #सच
#Revolution #Discrimination

Language: Hindi
130 Views
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