Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Jan 2024 · 1 min read

कर क्षमा सब भूल मैं छूता चरण

कोई ना तेरे सिवा और माँ
कर दया बैठा हूँ, माँ आके शरण।
मैं बड़ा पापी, अधम और माँ
कर क्षमा सब भूल, मैं छूता चरण।।

मैं बड़ा बेसहारा माँ, मेरा बस तु सहारा है
फसी नैया, को भव से तू लगा देती किनारा है।
माँ मुझे दर्शन दिखा हो कहाँ
आ गया बेटा, तेरा करने दर्शन।।

मैं पहली बार आया हु, हार जग से शेरावाली
एक करती हो माँ तूही, सारी दुनिया की रखवारी।
दे मुझे भक्ति का दान और माँ
दे “बसंत” को ज्ञान है पापी परम।।

✍️ बसंत भगवान राय
(धुन: आँख है भरी – भरी )

Language: Hindi
Tag: गीत
73 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Basant Bhagawan Roy
View all
You may also like:
*धनतेरस का त्यौहार*
*धनतेरस का त्यौहार*
Harminder Kaur
*खाओ गरम कचौड़ियॉं, आओ यदि बृजघाट (कुंडलिया)*
*खाओ गरम कचौड़ियॉं, आओ यदि बृजघाट (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
संत गाडगे सिध्दांत
संत गाडगे सिध्दांत
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
नेताजी का रक्तदान
नेताजी का रक्तदान
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हौसला
हौसला
Sanjay ' शून्य'
जीवन एक मकान किराए को,
जीवन एक मकान किराए को,
Bodhisatva kastooriya
तू  मेरी जान तू ही जिंदगी बन गई
तू मेरी जान तू ही जिंदगी बन गई
कृष्णकांत गुर्जर
Dont loose your hope without doing nothing.
Dont loose your hope without doing nothing.
Sakshi Tripathi
"नया अवतार"
Dr. Kishan tandon kranti
वक्त के थपेड़ो ने जीना सीखा दिया
वक्त के थपेड़ो ने जीना सीखा दिया
Pramila sultan
बुंदेली दोहा- चिलकत
बुंदेली दोहा- चिलकत
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
इशारा दोस्ती का
इशारा दोस्ती का
Sandeep Pande
कहीं  पानी  ने  क़हर  ढाया......
कहीं पानी ने क़हर ढाया......
shabina. Naaz
*आस्था*
*आस्था*
Dushyant Kumar
नहीं मैं ऐसा नहीं होता
नहीं मैं ऐसा नहीं होता
gurudeenverma198
__________सुविचार_____________
__________सुविचार_____________
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
फितरत
फितरत
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
"Sometimes happiness and peace come when you lose something.
पूर्वार्थ
तुम से मिलना था
तुम से मिलना था
Dr fauzia Naseem shad
युगांतर
युगांतर
Suryakant Dwivedi
💐प्रेम कौतुक-234💐
💐प्रेम कौतुक-234💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
छटपटाता रहता है आम इंसान
छटपटाता रहता है आम इंसान
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
3295.*पूर्णिका*
3295.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
#लघुकथा
#लघुकथा
*Author प्रणय प्रभात*
खाने को पैसे नहीं,
खाने को पैसे नहीं,
Kanchan Khanna
मेरे मालिक मेरी क़लम को इतनी क़ुव्वत दे
मेरे मालिक मेरी क़लम को इतनी क़ुव्वत दे
Dr Tabassum Jahan
तन पर तन के रंग का,
तन पर तन के रंग का,
sushil sarna
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
_सुलेखा.
** पर्व दिवाली **
** पर्व दिवाली **
surenderpal vaidya
न शायर हूँ, न ही गायक,
न शायर हूँ, न ही गायक,
Satish Srijan
Loading...