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12 Jun 2023 · 1 min read

कर्म परायण लोग कर्म भूल गए हैं

कर्म परायण लोग कर्म भूल गए हैं
सिर्फ वे परायण हो चुके हैं
दूसरों के आधीन दूसरों के कुकर्म में
दूसरों की सभ्यता में
और दूसरों के विचारों में

सद्कवि प्रेमदास वसु सुरेखा

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