Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Feb 2017 · 1 min read

कबि

कबि क्यों कलिकाल मे कुंठित है क्योंकि
कलुषित कविता करता ।
कोरी कल्पित कलुषित कविता कलिकाल के कबियों कीं कृतियां ।
कहुं कैसै कि काब्य कै कुंजन की कबि कंठ की कवितायें कलियां।
रस अलंकार बिन पिंगल के केवल कागज काला करता ।
कबि क्यों कलिकाल की कुंठित है क्योंकि कलुषित कबिता करता

Language: Hindi
273 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
National YOUTH Day
National YOUTH Day
Tushar Jagawat
सितम तो ऐसा कि हम उसको छू नहीं सकते,
सितम तो ऐसा कि हम उसको छू नहीं सकते,
Vishal babu (vishu)
भगवा है पहचान हमारी
भगवा है पहचान हमारी
Dr. Pratibha Mahi
💐प्रेम कौतुक-165💐
💐प्रेम कौतुक-165💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
"जब रास्ते पर पत्थरों के ढेर पड़े हो, तब सड़क नियमों का पालन
Dushyant Kumar
मज़बूत होने में
मज़बूत होने में
Ranjeet kumar patre
ओ माँ... पतित-पावनी....
ओ माँ... पतित-पावनी....
Santosh Soni
मुक्तक
मुक्तक
पंकज कुमार कर्ण
"वो एक बात जो मैने कही थी सच ही थी,
*Author प्रणय प्रभात*
बना चाँद का उड़न खटोला
बना चाँद का उड़न खटोला
Vedha Singh
किसी की हिफाजत में,
किसी की हिफाजत में,
Dr. Man Mohan Krishna
छह घण्टे भी पढ़ नहीं,
छह घण्टे भी पढ़ नहीं,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
అందమైన తెలుగు పుస్తకానికి ఆంగ్లము అనే చెదలు పట్టాయి.
అందమైన తెలుగు పుస్తకానికి ఆంగ్లము అనే చెదలు పట్టాయి.
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
इस टूटे हुए दिल को जोड़ने की   कोशिश मत करना
इस टूटे हुए दिल को जोड़ने की कोशिश मत करना
Anand.sharma
तुम नफरत करो
तुम नफरत करो
Harminder Kaur
सजि गेल अयोध्या धाम
सजि गेल अयोध्या धाम
मनोज कर्ण
ये साँसे जब तक मुसलसल चलती है
ये साँसे जब तक मुसलसल चलती है
'अशांत' शेखर
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
मनांतर🙏
मनांतर🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
*** सफ़र जिंदगी के....!!! ***
*** सफ़र जिंदगी के....!!! ***
VEDANTA PATEL
थोड़ा सच बोलके देखो,हाँ, ज़रा सच बोलके देखो,
थोड़ा सच बोलके देखो,हाँ, ज़रा सच बोलके देखो,
पूर्वार्थ
बुलंद हौंसले
बुलंद हौंसले
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
ऐ दिल सम्हल जा जरा
ऐ दिल सम्हल जा जरा
Anjana Savi
"लेकिन"
Dr. Kishan tandon kranti
नहीं, बिल्कुल नहीं
नहीं, बिल्कुल नहीं
gurudeenverma198
टूटते उम्मीदों कि उम्मीद
टूटते उम्मीदों कि उम्मीद
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
आज हम सब करें शक्ति की साधना।
आज हम सब करें शक्ति की साधना।
surenderpal vaidya
दौर ऐसा हैं
दौर ऐसा हैं
SHAMA PARVEEN
2977.*पूर्णिका*
2977.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
I love you
I love you
Otteri Selvakumar
Loading...