Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Aug 2023 · 1 min read

ओ! चॅंद्रयान

ओ! चॅंद्रयान

चॅंद्र‌ भी चंचल हुआ , देख चॅंद्रयान का साहस सहर्ष है ‌।
रोम-रोम पुलकित धरा-गगन, मन में अतिशय उत्कर्ष है।।

धैर्य का परिचय देते वैज्ञानिक, हुआ सफल विज्ञान है।
भारत का परचम लहराता, लैंडर विक्रम रोवर प्रज्ञान है।।

देख रहा है विश्व सारा, चाॅंद पर लहराया तिरंगा प्यारा।
चॅंदा मामा अब अपने घर के, लगता है कितना! प्यारा।।

ओ! चॅंद्रयान तूने कर दिखाया, हर दिल पर अब तू छाया।
दस्तक करते ही चाॅंद पर, देश का कोना-कोना मुस्काया।।

कितना! गौरवशाली दिन, गवाह हूं यही सोच मन हर्षाया।
ओ! चॅंद्रयान तूने, इतिहास के पन्नों पर नाम दर्ज कराया।।

चॅंदा मामा और वसुधा मॉं की, रिश्ता अलौकिक पुराना है।
ओ!चॅंद्रयान तेरी वजह से, लगा रहेगा अब आना-जाना है।।

कभी तुम आना-कभी हम आएंगे, खीर पूरी मिल पकाएंगे।
चॅंदा मामा अब अपने घर के, यही गीत‌ ख़ुशी ख़ुशी गाएंगे।।

Rachana kar kavita Verma

1 Like · 489 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
इस सियासत का ज्ञान कैसा है,
इस सियासत का ज्ञान कैसा है,
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
चंद तारे
चंद तारे
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
****** घूमते घुमंतू गाड़ी लुहार ******
****** घूमते घुमंतू गाड़ी लुहार ******
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
नहीं जा सकता....
नहीं जा सकता....
Srishty Bansal
कान खोलकर सुन लो
कान खोलकर सुन लो
Shekhar Chandra Mitra
मगर अब मैं शब्दों को निगलने लगा हूँ
मगर अब मैं शब्दों को निगलने लगा हूँ
VINOD CHAUHAN
रिश्ता ऐसा हो,
रिश्ता ऐसा हो,
लक्ष्मी सिंह
हाइकु (#मैथिली_भाषा)
हाइकु (#मैथिली_भाषा)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
'स्वागत प्रिये..!'
'स्वागत प्रिये..!'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
पुराना साल जाथे नया साल आथे ll
पुराना साल जाथे नया साल आथे ll
Ranjeet kumar patre
रिश्तों के
रिश्तों के
Dr fauzia Naseem shad
गुलाबी शहतूत से होंठ
गुलाबी शहतूत से होंठ
हिमांशु Kulshrestha
हर महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि
हर महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि
Shashi kala vyas
सुरक्षा
सुरक्षा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अपभ्रंश-अवहट्ट से,
अपभ्रंश-अवहट्ट से,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
दोहावली
दोहावली
आर.एस. 'प्रीतम'
सतयुग में राक्षक होते ते दूसरे लोक में होते थे और उनका नाम ब
सतयुग में राक्षक होते ते दूसरे लोक में होते थे और उनका नाम ब
पूर्वार्थ
अब तो आओ न
अब तो आओ न
Arti Bhadauria
#ग़ज़ल
#ग़ज़ल
*प्रणय प्रभात*
कुछ तो पोशीदा दिल का हाल रहे
कुछ तो पोशीदा दिल का हाल रहे
Shweta Soni
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*बगिया जोखीराम में श्री राम सत्संग भवन का निर्माण : श्री राजेंद्र जायसवाल जी का
*बगिया जोखीराम में श्री राम सत्संग भवन का निर्माण : श्री राजेंद्र जायसवाल जी का
Ravi Prakash
प्रभु नृसिंह जी
प्रभु नृसिंह जी
Anil chobisa
बुझलहूँ आहाँ महान छी मुदा, रंगमंच पर फेसबुक मित्र छी!
बुझलहूँ आहाँ महान छी मुदा, रंगमंच पर फेसबुक मित्र छी!
DrLakshman Jha Parimal
दौलत
दौलत
Neeraj Agarwal
अब वो मुलाकात कहाँ
अब वो मुलाकात कहाँ
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
ज़िंदगी
ज़िंदगी
नन्दलाल सुथार "राही"
"अकेलापन और यादें "
Pushpraj Anant
तेरा ग़म
तेरा ग़म
Dipak Kumar "Girja"
बसहा चलल आब संसद भवन
बसहा चलल आब संसद भवन
मनोज कर्ण
Loading...