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20 Apr 2023 · 1 min read

ऐसे दर्शन सदा मिले

ऐसे दर्शन सदा मिले
बनी रहे यह रीत,
मंदस्मित मुखमंडल की
और दिखे यह प्रीत….
✍️पंकज पाण्डेय ‘सावर्ण्य

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