Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Feb 2024 · 1 min read

एक जिद मन में पाल रखी है,कि अपना नाम बनाना है

एक जिद मन में पाल रखी है,कि अपना नाम बनाना है
यूँही नही हूँ इस दुनिया मे,दुनिया को ये बताना है
तलाश में हूँ मंजिल की अपनी,राह पे तो निकल चुका हूँ
बहुत ठोकरे खायीं ,बहुत बार गिरा,पर अब संभल चुका हूँ
माना संभलने में थोड़ा वक्त लगा,वक्त रहते नहीं संभल पाया मैं
कोशिश बहुत की खुद को बदलने की,पर अफसोस बदल नहीं पाया मैं
पर अब जाग चुका हूँ खुद को पहचान चुका हूँ
नाम बनाना है , कामयाब होना है,ये जिंद मन में ठान चुका हूँ
तो अब मैं थकूँगा नही , मैं रुकुंगा नही,मैं डरूंगा नही , मैं झुकुंगा नही
अपना लक्ष्य हासिल करना है मुझे,उससे पहले मैं मरुंगा नहीं
जीतने की कोशिश में कई बार हारूंगा
यह जानता हूं मैं,पर हारने के बाद भी,हार कहां मानता हूं मैं
अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक हर दर्द , हर चोट सहूंगा
अपनी हार को जीत में बदलने तक मैं कोशिश करता रहूंगा

137 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
शीर्षक:
शीर्षक: "ओ माँ"
MSW Sunil SainiCENA
कितनी प्यारी प्रकृति
कितनी प्यारी प्रकृति
जगदीश लववंशी
अंतर्जाल यात्रा
अंतर्जाल यात्रा
Dr. Sunita Singh
धर्म के नाम पे लोग यहां
धर्म के नाम पे लोग यहां
Mahesh Tiwari 'Ayan'
सुना है हमने दुनिया एक मेला है
सुना है हमने दुनिया एक मेला है
VINOD CHAUHAN
संवाद होना चाहिए
संवाद होना चाहिए
संजय कुमार संजू
मंथन
मंथन
Shyam Sundar Subramanian
सच्चाई ~
सच्चाई ~
दिनेश एल० "जैहिंद"
मानसिकता का प्रभाव
मानसिकता का प्रभाव
Anil chobisa
हर मसाइल का हल
हर मसाइल का हल
Dr fauzia Naseem shad
माँ शारदे-लीला
माँ शारदे-लीला
Kanchan Khanna
■ होशियार भून रहे हैं। बावले भुनभुना रहे हैं।😊
■ होशियार भून रहे हैं। बावले भुनभुना रहे हैं।😊
*Author प्रणय प्रभात*
* कुण्डलिया *
* कुण्डलिया *
surenderpal vaidya
हाँ, वह लड़की ऐसी थी
हाँ, वह लड़की ऐसी थी
gurudeenverma198
"उपकार"
Dr. Kishan tandon kranti
मुस्कुराना सीख लिया !|
मुस्कुराना सीख लिया !|
पूर्वार्थ
अल्फाज़.......दिल के
अल्फाज़.......दिल के
Neeraj Agarwal
प्यार की कलियुगी परिभाषा
प्यार की कलियुगी परिभाषा
Mamta Singh Devaa
आंखो के पलको पर जब राज तुम्हारा होता है
आंखो के पलको पर जब राज तुम्हारा होता है
Kunal Prashant
हवा चली है ज़ोर-ज़ोर से
हवा चली है ज़ोर-ज़ोर से
Vedha Singh
स्त्री एक देवी है, शक्ति का प्रतीक,
स्त्री एक देवी है, शक्ति का प्रतीक,
कार्तिक नितिन शर्मा
कभी मिले नहीं है एक ही मंजिल पर जानें वाले रास्तें
कभी मिले नहीं है एक ही मंजिल पर जानें वाले रास्तें
Sonu sugandh
*वही पुरानी एक सरीखी, सबकी रामकहानी (गीत)*
*वही पुरानी एक सरीखी, सबकी रामकहानी (गीत)*
Ravi Prakash
खवाब
खवाब
Swami Ganganiya
2481.पूर्णिका
2481.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
यह पृथ्वी रहेगी / केदारनाथ सिंह (विश्व पृथ्वी दिवस)
यह पृथ्वी रहेगी / केदारनाथ सिंह (विश्व पृथ्वी दिवस)
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
🌸दे मुझे शक्ति🌸
🌸दे मुझे शक्ति🌸
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
सार छंद विधान सउदाहरण / (छन्न पकैया )
सार छंद विधान सउदाहरण / (छन्न पकैया )
Subhash Singhai
फितरत इंसान की....
फितरत इंसान की....
Tarun Singh Pawar
Loading...