Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Feb 2024 · 1 min read

एक इश्क में डूबी हुई लड़की कभी भी अपने आशिक दीवाने लड़के को

एक इश्क में डूबी हुई लड़की कभी भी अपने आशिक दीवाने लड़के को फोन कर सकती है यदि वह गुप्त रूप से उससे प्यार की हो, तो वह अपनी फैमिली के मोबाइल तभी यूज करेगी जब उसके इर्द गिर्द कोई न हो यूट्यूब पर एड और नई नवेली लड़की के कॉल के आने का कोई भी मुहूर्त नहीं होता है।
RJ Anand Prajapati

77 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
రామయ్య రామయ్య
రామయ్య రామయ్య
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
विरह
विरह
नवीन जोशी 'नवल'
अपना ही ख़ैर करने लगती है जिन्दगी;
अपना ही ख़ैर करने लगती है जिन्दगी;
manjula chauhan
लहरे बहुत है दिल मे दबा कर रखा है , काश ! जाना होता है, समुन
लहरे बहुत है दिल मे दबा कर रखा है , काश ! जाना होता है, समुन
Rohit yadav
शराब मुझको पिलाकर तुम,बहकाना चाहते हो
शराब मुझको पिलाकर तुम,बहकाना चाहते हो
gurudeenverma198
छुपा रखा है।
छुपा रखा है।
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
सावन के पर्व-त्योहार
सावन के पर्व-त्योहार
लक्ष्मी सिंह
"चुनाव"
Dr. Kishan tandon kranti
समझदारी का न करे  ,
समझदारी का न करे ,
Pakhi Jain
"" *श्री गीता है एक महाकाव्य* ""
सुनीलानंद महंत
Motivational
Motivational
Mrinal Kumar
स्त्री जब
स्त्री जब
Rachana Siya
अक्सर हम ज़िन्दगी में इसलिए भी अकेले होते हैं क्योंकि हमारी ह
अक्सर हम ज़िन्दगी में इसलिए भी अकेले होते हैं क्योंकि हमारी ह
पूर्वार्थ
चाँद से मुलाकात
चाँद से मुलाकात
Kanchan Khanna
*दिल का आदाब ले जाना*
*दिल का आदाब ले जाना*
sudhir kumar
सिर्फ लिखती नही कविता,कलम को कागज़ पर चलाने के लिए //
सिर्फ लिखती नही कविता,कलम को कागज़ पर चलाने के लिए //
गुप्तरत्न
3478🌷 *पूर्णिका* 🌷
3478🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
कविता
कविता
Shiva Awasthi
*मुहब्बत के मोती*
*मुहब्बत के मोती*
आर.एस. 'प्रीतम'
" सुर्ख़ गुलाब "
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
*यहाँ जो दिख रहा है वह, सभी श्रंगार दो दिन का (मुक्तक)*
*यहाँ जो दिख रहा है वह, सभी श्रंगार दो दिन का (मुक्तक)*
Ravi Prakash
मासूमियत की हत्या से आहत
मासूमियत की हत्या से आहत
Sanjay ' शून्य'
Milo kbhi fursat se,
Milo kbhi fursat se,
Sakshi Tripathi
शब्द गले में रहे अटकते, लब हिलते रहे।
शब्द गले में रहे अटकते, लब हिलते रहे।
विमला महरिया मौज
#हिंदी_ग़ज़ल
#हिंदी_ग़ज़ल
*Author प्रणय प्रभात*
बताती जा रही आंखें
बताती जा रही आंखें
surenderpal vaidya
ଅହଙ୍କାର
ଅହଙ୍କାର
Bidyadhar Mantry
तेरे जागने मे ही तेरा भला है
तेरे जागने मे ही तेरा भला है
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
शीर्षक – शुष्क जीवन
शीर्षक – शुष्क जीवन
Manju sagar
चाँद सी चंचल चेहरा🙏
चाँद सी चंचल चेहरा🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Loading...