Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Aug 2021 · 1 min read

एक आदिवासी- आनंदश्री

एक आदिवासी

एक आदिवासी लड़ रहा है
जल जंगल जमीन, और
अपने अस्तित्व को बचाने
अपने अस्मिता को बचाने
प्रकृति की गोद मे रहकर
लाठी और पुराने नुस्खों से
एक आदिवासी लड़ रहा है।

रोजमर्रा जरूरत को पूरा कर
नए भारत से कंधा मिला रहा है
आधुनिकता की चादर ओढ़े
स्वयं और बच्चे शिक्षित कर रहा है
जंहा सूरज की रोशनी नही
वंहा पंहुच कर जीवन बसा रहा है
एक आदिवासी लड़ रहा है।

पुराने मान्यताओं से नयी पीढ़ी का
सृजन हो रहा रहा हैं
आदिवासी परिवार भी
अधुनिकता को अपना रहा है
देश का सविंधान अब उन तक
भी पंहुच रहा है
अपने ही मान्यताओं को तोड़में
एक आदिवासी लड़ रहा है।

प्रो डॉ दिनेश गुप्ता- आनंदश्री
विश्वरीकोर्ड पुरस्कृत कवि, मुम्बई

Language: Hindi
1 Like · 412 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गुमराह जिंदगी में अब चाह है किसे
गुमराह जिंदगी में अब चाह है किसे
सिद्धार्थ गोरखपुरी
मेरी प्यारी अभिसारी हिंदी......!
मेरी प्यारी अभिसारी हिंदी......!
Neelam Sharma
हाइकु शतक (हाइकु संग्रह)
हाइकु शतक (हाइकु संग्रह)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
स्त्री
स्त्री
Shweta Soni
कभी हक़ किसी पर
कभी हक़ किसी पर
Dr fauzia Naseem shad
उसी संघर्ष को रोजाना, हम सब दोहराते हैं (हिंदी गजल))
उसी संघर्ष को रोजाना, हम सब दोहराते हैं (हिंदी गजल))
Ravi Prakash
سب کو عید مبارک ہو،
سب کو عید مبارک ہو،
DrLakshman Jha Parimal
!!! भिंड भ्रमण की झलकियां !!!
!!! भिंड भ्रमण की झलकियां !!!
जगदीश लववंशी
तेरी चेहरा जब याद आती है तो मन ही मन मैं मुस्कुराने लगता।🥀🌹
तेरी चेहरा जब याद आती है तो मन ही मन मैं मुस्कुराने लगता।🥀🌹
जय लगन कुमार हैप्पी
"फ़िर से तुम्हारी याद आई"
Lohit Tamta
मर्दों को भी इस दुनिया में दर्द तो होता है
मर्दों को भी इस दुनिया में दर्द तो होता है
Artist Sudhir Singh (सुधीरा)
सूरज ढल रहा हैं।
सूरज ढल रहा हैं।
Neeraj Agarwal
खुद को इतना .. सजाय हुआ है
खुद को इतना .. सजाय हुआ है
Neeraj Mishra " नीर "
ग़ज़ल _ शरारत जोश में पुरज़ोर।
ग़ज़ल _ शरारत जोश में पुरज़ोर।
Neelofar Khan
मुक्तक
मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
इक अदा मुझको दिखाया तो करो।
इक अदा मुझको दिखाया तो करो।
सत्य कुमार प्रेमी
ये मन रंगीन से बिल्कुल सफेद हो गया।
ये मन रंगीन से बिल्कुल सफेद हो गया।
Dr. ADITYA BHARTI
नौकरी
नौकरी
Rajendra Kushwaha
हे देश मेरे
हे देश मेरे
Satish Srijan
फिजा में तैर रही है तुम्हारी ही खुशबू।
फिजा में तैर रही है तुम्हारी ही खुशबू।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
गांव में फसल बिगड़ रही है,
गांव में फसल बिगड़ रही है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
अद्वितीय प्रकृति
अद्वितीय प्रकृति
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
फिर आई स्कूल की यादें
फिर आई स्कूल की यादें
Arjun Bhaskar
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पुष्प की व्यथा
पुष्प की व्यथा
Shyam Sundar Subramanian
भुलाया ना जा सकेगा ये प्रेम
भुलाया ना जा सकेगा ये प्रेम
The_dk_poetry
🪷पुष्प🪷
🪷पुष्प🪷
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
2391.पूर्णिका
2391.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
ए दिल मत घबरा
ए दिल मत घबरा
Harminder Kaur
अर्थ  उपार्जन के लिए,
अर्थ उपार्जन के लिए,
sushil sarna
Loading...