Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jan 2024 · 2 min read

उस देश के वासी है 🙏

हम उस देश के वासी हैं
❤️🍀🌹🙏🙏❤️☘️
उस देश के वासी हैं जिस देश
मानवता फलती फूलती है
भाई चारे का संदेश जहां
सत्य अहिंसा मंत्र गूंजता वहां
सत्यमेव जयते नारा लगता है
ममता सहिष्णुता सद्भाव जुड़ा
जन पगड़ी केसरिया खिलता है
उषा निराली दिवा निशा लाली
शांत मधुर मधुकलश सरस भरी
परोसे प्यार भोजन की थाली
खाना क्या खाना जहां पे स्नेह
बोली से पेट भर जाता है बातों में
स्वाद व्यवहार मीठी खट्टी तीखी
यादों में वक्त गुजार जनता जन
गले लग ईद मुबारक कहता है
ऊँच नीच का भेद नहीं मिलजुल
मेहनत मजदूरी कर खाते-पीते हैं
ज़्यादा की चाहत नहीं थोड़े में ही
संतोष कर विविधता एकता दर्शन
होली दिवाली क्रिसमस पूजा पाठ
उत्सव एक साथ मिल बाँट मनाते हैं
प्रेम दर्शानेवाला जीवनराम मर्यादित
जीने का राग सुनाते हैं जहाँ स्वभिमान
तिरंगा फर फर उड़ हुकार भरता है
वह न्यारा भारत देश हमारा है
ऊँच नीच का भेद मतभेद नहीं
काले गोरे रंगो से सरोकार नहीं
सबको एक दूसरे से नाता है
स्नेह मोहब्बत जन मन भरी
स्वच्छता मन मंदिर बसी जहां
सनातनी परंपरा संगम पावन
मिट्टी पानी हवा मेघ नभ जल
संचयन वितरण भविष्य कला
नद्य सागर की पूजा होती जहाँ
हम उस देश के वासी हैं जिस देश
पग घुंघरू बांध मीरा नाची
जहां घर घर नारी की पूजा होती
धन्य वह देश जहां जनकजानकी
सिया राम राधा रुकमनी कृष्णकन्हैया
दाउ की जन्म भूमी है शकुंतला दुश्यन्त
लाल भरत के नाम भारत गवाह उपनिषद्
वेद पुराण गीता ज्ञान का सागर है
स्वर्ग नरक द्वार चम्बा भरमोर हिमाचल
पाण्डव स्वर्ग पथ उत्तराखंड कैलाश
मानसरोवर हिमालय अभेद्य देश प्रहरी
जहां हम उस देश के वासी हैं जिस
देश में गंगा यमुना सरस्वती संगम
इक डुबकी से मोक्ष मिलता है
अद्‌भुत अद्वितीय दिव्य भव्य नव्य
सरयू तट श्रीरामचंद्र घर मंदिर
सहज सुलभ मर्यादा पुरुषोत्तम
पद खलाऊं पूज रामराज चला
अयोध्या मथुरा वृंदावन कावा
काशी हैं जहां रूह भरी भरपूर
हवाएं जीवन का रुत सिखाता है
जय भारत जय भारती रसस्वर
पवन चारों दिशा फैलाता है ।
दूजे दुःख निज समझ आपदा
विपदा में आगे आने वाला देश
भारत जग जन का भी प्यारा है।
🍀☘️🙏🙏🍀☘️🙏🙏🍀☘️
तारकेशवर प्रसाद तरूण

Language: Hindi
81 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
View all
You may also like:
कृषक
कृषक
Shaily
भारत
भारत
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
शक्ति शील सौंदर्य से, मन हरते श्री राम।
शक्ति शील सौंदर्य से, मन हरते श्री राम।
आर.एस. 'प्रीतम'
क्या सत्य है ?
क्या सत्य है ?
Buddha Prakash
समय के पहिए पर कुछ नए आयाम छोड़ते है,
समय के पहिए पर कुछ नए आयाम छोड़ते है,
manjula chauhan
शब्द : एक
शब्द : एक
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
*अद्वितीय गुणगान*
*अद्वितीय गुणगान*
Dushyant Kumar
कुदरत
कुदरत
Neeraj Agarwal
*आई ए एस फॅंस गए, मंत्री दसवीं फेल (हास्य कुंडलिया)*
*आई ए एस फॅंस गए, मंत्री दसवीं फेल (हास्य कुंडलिया)*
Ravi Prakash
शिक्षक
शिक्षक
सुशील कुमार सिंह "प्रभात"
विषधर
विषधर
Rajesh
कहीं  पानी  ने  क़हर  ढाया......
कहीं पानी ने क़हर ढाया......
shabina. Naaz
तुम नहीं बदले___
तुम नहीं बदले___
Rajesh vyas
कहमुकरी
कहमुकरी
डॉ.सीमा अग्रवाल
"जानलेवा"
Dr. Kishan tandon kranti
122 122 122 12
122 122 122 12
SZUBAIR KHAN KHAN
मययस्सर रात है रोशन
मययस्सर रात है रोशन
कवि दीपक बवेजा
मुस्कुराने लगे है
मुस्कुराने लगे है
Paras Mishra
!! होली के दिन !!
!! होली के दिन !!
Chunnu Lal Gupta
करवा चौथ
करवा चौथ
नवीन जोशी 'नवल'
बातें की बहुत की तुझसे,
बातें की बहुत की तुझसे,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
छद्म शत्रु
छद्म शत्रु
Arti Bhadauria
उड़ने का हुनर आया जब हमें गुमां न था, हिस्से में परिंदों के
उड़ने का हुनर आया जब हमें गुमां न था, हिस्से में परिंदों के
Vishal babu (vishu)
सफर सफर की बात है ।
सफर सफर की बात है ।
Yogendra Chaturwedi
यादों के झरने
यादों के झरने
Sidhartha Mishra
सन्मति औ विवेक का कोष
सन्मति औ विवेक का कोष
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
एक ठंडी हवा का झोंका है बेटी: राकेश देवडे़ बिरसावादी
एक ठंडी हवा का झोंका है बेटी: राकेश देवडे़ बिरसावादी
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
.तेरी यादें समेट ली हमने
.तेरी यादें समेट ली हमने
Dr fauzia Naseem shad
जय जय जगदम्बे
जय जय जगदम्बे
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
🇮🇳 🇮🇳 राज नहीं राजनीति हो अपना 🇮🇳 🇮🇳
🇮🇳 🇮🇳 राज नहीं राजनीति हो अपना 🇮🇳 🇮🇳
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Loading...