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26 Jul 2023 · 1 min read

उदास आँखों से जिस का रस्ता मैं एक मुद्दत से तक रहा था

उदास आँखों से जिस का रस्ता मैं एक मुद्दत से तक रहा था
पता चला है वो मेरे ख़ातिर मेरे ही दिल में भटक रहा था

कुछ इस लिए भी खड़े हुए हैं ख़िलाफ़ मेरे तमाम सूरज
अँधेरे कमरे के एक कोने में बन के जुगनू चमक रहा था
~Aadarsh Dubey

Udaas aankhon se jiska rasta main eik muddat se tak raha tha
Pata chala hei wo mere khatir mere hi dil me bhatak raha tha

Kuch isliye bhi khade hue hein khilaf mere tamam sooraj
Andhere kamre ke eik kone me ban ke jugnu chamak raha tha
~Aadarsh Dubey

1 Like · 332 Views
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