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1 Jul 2023 · 1 min read

उदासी

उदासी

बादल जैसी छाई उदासी।
घिर-घिर कर फिर आई उदासी।।

दिन-दिन बढ़ती ही जाती है।
जैसे हो मंहगाई उदासी।।

सूने दिल में बजती जैसे ।
दूर कहीं शहनाई उदासी।।

सागर की लहरों सी खुशियां
सागर की गहराई उदासी।।

शमा जली जब सूरज डूबा।
धुंआ-धुंआ सा लाई उदासी।।

Language: Hindi
1 Like · 432 Views
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