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12 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-84💐

इसे तमसील^ कहें या क़िस्सा-गोई,
आईने में भी वो ही दिखाई दिए।।
^उपमा,उदाहरण, नाटक

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
176 Views
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