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23 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-510💐

इन पयामों का मक़सद मेरे लिए है या ज़माने के लिए,
वास्ते मेरे सुलझो भले उलझे रहो इस ज़माने के लिए,
ये सब बला है बहुत दिल-ओ-दिमाग़ की मेरी उनकी,
मुझसे मिलो इक जग़ह भले छिपे रहो ज़माने के लिए।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
440 Views
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