Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Sep 2022 · 1 min read

आदर्श पिता

हर व्यक्ति जीवन में अपने एक,ऐसा अनमोल सा नायक पाता है।
हर कठिनाई का समाधान जो,सरलता से हमको उपलब्ध कराता है।।
जिंदगी की इस कठिन धूप में,जो मेरा कल्पवृक्ष बन जाता है।
जीवन की हर सुविधा मुझको,वो ही तो उपलब्ध करवाता है।।
जोड़ के अपना तिनका तिनका,वो हमको पक्की छत दे पाता है।
खुद का जीवन लगा दांव पर,वही तो हमारा भविष्य बनाता है।।
मेरी हर परेशानी में बढ़कर जो,हमेशा मेरा हौंसला बढ़ाता है।
जब तक दूर न हो परेशानी तबतक,ठीक से सो भी नहीं वो पाता है।।
हमारे भविष्य के कारण जो हमारे,विश्वासन सीढ़ी बन जाता है।
ना कोई गिला ना कोई शिकवा,हर कठिनाई खुद की पीठ पे वो ले जाता है।।
परिवार की खातिर जो हर मुश्किल,जो हँस हँस कर सह जाता है।
शिक्षा और संस्कार सिखा कर,जो हमारा भविष्य बनाता है।
हर परिवार का मध्य बिंदु वही है,और आदर्श पिता वही कहलाता है।।
कहे विजय बिजनौरी सुख से जग में,वही परिवार रह पाता है।
जिस परिवार में पिता हर संभव,कर्तव्य ये सारे जीवन भर ही निभाता है।।

विजय कुमार अग्रवाल
विजय बिजनौरी

Language: Hindi
4 Likes · 147 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from विजय कुमार अग्रवाल
View all
You may also like:
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
जो दिल के पास होता है (हिंदी गजल/गीतिका )
जो दिल के पास होता है (हिंदी गजल/गीतिका )
Ravi Prakash
हाजीपुर
हाजीपुर
Hajipur
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा
Dr.Priya Soni Khare
सर्दी के हैं ये कुछ महीने
सर्दी के हैं ये कुछ महीने
Atul "Krishn"
उस पार की आबोहवां में जरासी मोहब्बत भर दे
उस पार की आबोहवां में जरासी मोहब्बत भर दे
'अशांत' शेखर
मां महागौरी
मां महागौरी
Mukesh Kumar Sonkar
मन्नत के धागे
मन्नत के धागे
Dr. Mulla Adam Ali
राष्ट्र निर्माता शिक्षक
राष्ट्र निर्माता शिक्षक
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
चोट शब्द की न जब सही जाए
चोट शब्द की न जब सही जाए
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
ఓ యువత మేలుకో..
ఓ యువత మేలుకో..
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
वीर हनुमान
वीर हनुमान
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
यह रात कट जाए
यह रात कट जाए
Shivkumar Bilagrami
माँ तेरे चरणों मे
माँ तेरे चरणों मे
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
#justareminderekabodhbalak
#justareminderekabodhbalak
DR ARUN KUMAR SHASTRI
"जानिब"
Dr. Kishan tandon kranti
एक टऽ खरहा एक टऽ मूस
एक टऽ खरहा एक टऽ मूस
डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
वह मुस्कुराते हुए पल मुस्कुराते
वह मुस्कुराते हुए पल मुस्कुराते
goutam shaw
होली के हुड़दंग में ,
होली के हुड़दंग में ,
sushil sarna
■ कारण कुछ भी हो। भूल सुधार स्वागत योग्य।।
■ कारण कुछ भी हो। भूल सुधार स्वागत योग्य।।
*Author प्रणय प्रभात*
दिव्य दृष्टि बाधित
दिव्य दृष्टि बाधित
Neeraj Agarwal
युग बीत गया
युग बीत गया
Dr.Pratibha Prakash
हमको तू ऐसे नहीं भूला, बसकर तू परदेश में
हमको तू ऐसे नहीं भूला, बसकर तू परदेश में
gurudeenverma198
सेहत या स्वाद
सेहत या स्वाद
विजय कुमार अग्रवाल
'धोखा'
'धोखा'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
Holding onto someone who doesn't want to stay is the worst h
Holding onto someone who doesn't want to stay is the worst h
पूर्वार्थ
कविता -
कविता - "करवा चौथ का उपहार"
Anand Sharma
#कहमुकरी
#कहमुकरी
Suryakant Dwivedi
आशा
आशा
Sanjay ' शून्य'
सुरभित - मुखरित पर्यावरण
सुरभित - मुखरित पर्यावरण
संजय कुमार संजू
Loading...