Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Mar 2023 · 1 min read

आदमी से आदमी..

आदमी से आदमी का हैरान होना।
बतलाता बामुश्किल है इंसान होना।
✍️”प्यासा”

Language: Hindi
384 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हकीकत
हकीकत
dr rajmati Surana
#एक_शेर
#एक_शेर
*Author प्रणय प्रभात*
छल
छल
गौरव बाबा
"तापमान"
Dr. Kishan tandon kranti
जीतना अच्छा है,पर अपनों से हारने में ही मज़ा है।
जीतना अच्छा है,पर अपनों से हारने में ही मज़ा है।
अनिल कुमार निश्छल
मुझको अपनी शरण में ले लो हे मनमोहन हे गिरधारी
मुझको अपनी शरण में ले लो हे मनमोहन हे गिरधारी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मिली जिस काल आजादी, हुआ दिल चाक भारत का।
मिली जिस काल आजादी, हुआ दिल चाक भारत का।
डॉ.सीमा अग्रवाल
कविता
कविता
Shyam Pandey
फिदरत
फिदरत
Swami Ganganiya
खुश होना नियति ने छीन लिया,,
खुश होना नियति ने छीन लिया,,
पूर्वार्थ
एहसास
एहसास
Er.Navaneet R Shandily
भाषा और बोली में वहीं अंतर है जितना कि समन्दर और तालाब में ह
भाषा और बोली में वहीं अंतर है जितना कि समन्दर और तालाब में ह
Rj Anand Prajapati
मिट्टी की खुश्बू
मिट्टी की खुश्बू
Dr fauzia Naseem shad
बॉलीवुड का क्रैज़ी कमबैक रहा है यह साल - आलेख
बॉलीवुड का क्रैज़ी कमबैक रहा है यह साल - आलेख
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
हर बार बिखर कर खुद को
हर बार बिखर कर खुद को
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
ख्वाब सुलग रहें है... जल जाएंगे इक रोज
ख्वाब सुलग रहें है... जल जाएंगे इक रोज
सिद्धार्थ गोरखपुरी
*पयसी प्रवक्ता*
*पयसी प्रवक्ता*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*जन्म लिया है बेटी ने तो, दुगनी खुशी मनाऍं (गीत)*
*जन्म लिया है बेटी ने तो, दुगनी खुशी मनाऍं (गीत)*
Ravi Prakash
3218.*पूर्णिका*
3218.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
भौतिक युग की सम्पदा,
भौतिक युग की सम्पदा,
sushil sarna
मैं हमेशा अकेली इसलिए रह  जाती हूँ
मैं हमेशा अकेली इसलिए रह जाती हूँ
Amrita Srivastava
_______ सुविचार ________
_______ सुविचार ________
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
अपनों को नहीं जब हमदर्दी
अपनों को नहीं जब हमदर्दी
gurudeenverma198
अभिव्यक्ति की सामरिकता - भाग 05 Desert Fellow Rakesh Yadav
अभिव्यक्ति की सामरिकता - भाग 05 Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
दिल हमारा तुम्हारा धड़कने लगा।
दिल हमारा तुम्हारा धड़कने लगा।
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
*** एक दीप हर रोज रोज जले....!!! ***
*** एक दीप हर रोज रोज जले....!!! ***
VEDANTA PATEL
बाज़ार में क्लीवेज : क्लीवेज का बाज़ार / MUSAFIR BAITHA
बाज़ार में क्लीवेज : क्लीवेज का बाज़ार / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
संतोष करना ही आत्मा
संतोष करना ही आत्मा
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
क्यों बदल जाते हैं लोग
क्यों बदल जाते हैं लोग
VINOD CHAUHAN
तुम से प्यार नहीं करती।
तुम से प्यार नहीं करती।
लक्ष्मी सिंह
Loading...