Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Nov 2023 · 1 min read

आदमी खरीदने लगा है आदमी को ऐसे कि-

आदमी खरीदने लगा है आदमी को ऐसे कि-
आदमियत की जैसे बाजार लगने लगी है
प्रेम व्यवहार में मिलावट ऐसे हो रहा है
प्यार और दोस्ती बेकार लगने लगी है
सौदेबाजी सारे ज़ज्बातों की यूँ हो रही है
मुस्कुराने की अदा उधार लगने लगी है

1 Like · 207 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Mahendra Narayan
View all
You may also like:
...........!
...........!
शेखर सिंह
ज़माने   को   समझ   बैठा,  बड़ा   ही  खूबसूरत है,
ज़माने को समझ बैठा, बड़ा ही खूबसूरत है,
संजीव शुक्ल 'सचिन'
दृढ़ निश्चय
दृढ़ निश्चय
RAKESH RAKESH
अतीत कि आवाज
अतीत कि आवाज
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
::बेवफा::
::बेवफा::
MSW Sunil SainiCENA
*सीमा की जो कर रहे, रक्षा उन्हें प्रणाम (कुंडलिया)*
*सीमा की जो कर रहे, रक्षा उन्हें प्रणाम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
"आदमी की तलाश"
Dr. Kishan tandon kranti
बिल्ली की तो हुई सगाई
बिल्ली की तो हुई सगाई
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
सावन
सावन
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
#लघुकथा
#लघुकथा
*Author प्रणय प्रभात*
मुनाफे में भी घाटा क्यों करें हम।
मुनाफे में भी घाटा क्यों करें हम।
सत्य कुमार प्रेमी
कहीं और हँसके खुशियों का इज़हार करते हैं ,अपनों से उखड़े रहकर
कहीं और हँसके खुशियों का इज़हार करते हैं ,अपनों से उखड़े रहकर
DrLakshman Jha Parimal
वस्रों से सुशोभित करते तन को, पर चरित्र की शोभा रास ना आये।
वस्रों से सुशोभित करते तन को, पर चरित्र की शोभा रास ना आये।
Manisha Manjari
रोजी रोटी
रोजी रोटी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Good morning 🌅🌄
Good morning 🌅🌄
Sanjay ' शून्य'
महायज्ञ।
महायज्ञ।
Acharya Rama Nand Mandal
समझ ना आया
समझ ना आया
Dinesh Kumar Gangwar
मौसम सुहाना बनाया था जिसने
मौसम सुहाना बनाया था जिसने
VINOD CHAUHAN
कितने छेड़े और  कितने सताए  गए है हम
कितने छेड़े और कितने सताए गए है हम
Yogini kajol Pathak
अधर्म का उत्पात
अधर्म का उत्पात
Dr. Harvinder Singh Bakshi
तुम्हारे महबूब के नाजुक ह्रदय की तड़पती नसों की कसम।
तुम्हारे महबूब के नाजुक ह्रदय की तड़पती नसों की कसम।
★ IPS KAMAL THAKUR ★
*समझौता*
*समझौता*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
संगदिल
संगदिल
Aman Sinha
23/121.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/121.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
रिसाइकल्ड रिश्ता - नया लेबल
रिसाइकल्ड रिश्ता - नया लेबल
Atul "Krishn"
कोशिशें करके देख लो,शायद
कोशिशें करके देख लो,शायद
Shweta Soni
प्यार,इश्क ही इँसा की रौनक है
प्यार,इश्क ही इँसा की रौनक है
'अशांत' शेखर
दिखता नही किसी को
दिखता नही किसी को
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
"" *तथता* "" ( महात्मा बुद्ध )
सुनीलानंद महंत
नवरात्रि - गीत
नवरात्रि - गीत
Neeraj Agarwal
Loading...