Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
19 Jul 2016 · 1 min read

आखिर कोई क्यू

आखिर कोई क्यों
मुझे पढ़ना चाहेगा?????

अपने अमूल्य जीवन का
निर्धारित वक्त
क्यों
मुझमें व्यर्थ करेगा?????

कई बार
कलम …
ठिठक जाती है

ज्ञान कोष
निरुत्तर हो

जल सी निकली
मछली जैसा

तपते इस/
सावली रेत पर./
तड़पने लगता है…..

आखिर क्यों???
कोई मुझे पढ़ेगा……

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 1 Comment · 336 Views
You may also like:
कर्म प्रधान
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
मेरे दिल के आसमां पर
Dr fauzia Naseem shad
अंतर्घट
Rekha Drolia
कुछ बातें
Harshvardhan "आवारा"
💐दोषानां निवारणस्य कृते प्रार्थना💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
क्युकी ..... जिंदगी है
Seema 'Tu hai na'
'रूप बदलते रिश्ते'
Godambari Negi
आवाज़ उठानी होगी
Shekhar Chandra Mitra
भारतीय संस्कृति और उसके प्रचार-प्रसार की आवश्यकता
पंकज कुमार शर्मा 'प्रखर'
क्यों बात करते हो.......
J_Kay Chhonkar
शून्य की महिमा
मनोज कर्ण
सरकारी नौकरी
Sushil chauhan
✍️काश की ऐसा हो पाता ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
तेरे ख्वाब सदा ही सजाते थे
अनूप अंबर
बात किसी और नाम किसी और का
Anurag pandey
वरदान या अभिशाप फोन
AMRESH KUMAR VERMA
अकेला चलने का जिस शख्स को भी हौसला होगा।
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
जीवन है यदि प्रेम
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
अमर शहीद चंद्रशेखर "आज़ाद" (कुण्डलिया)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आज किस्सा हुआ तमाम है।
Taj Mohammad
सुन मेरे बच्चे !............
sangeeta beniwal
✍️मेरा हमशक्ल है ✍️
'अशांत' शेखर
माँ की वंदना
Buddha Prakash
प्रेम
Saraswati Bajpai
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
Book of the day: मालव (उपन्यास)
Sahityapedia
★बदला★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
तू कहता क्यों नहीं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जब तुम
shabina. Naaz
आओ हम पेड़ लगाए, हरियाली के गीत गाए
जगदीश लववंशी
Loading...