Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Oct 2022 · 1 min read

आज़ाद हो जाओ

आओ मैं बताऊं
एक राज़ तुम्हें!
तुरंत होना होगा
आज़ाद तुम्हें!!
वर्ना तुम जब तक
होश में आओगे!
वे कर चुके होंगे
बर्बाद तुम्हें!!
#हक़ #स्त्रीविमर्श #औरत #बराबरी
#equality #girls #women #सच
#OBC #दलित #पिछड़े #आदिवासी
#बहुजन #मूलनिवासी #मजदूर #धर्म
#आजादी #CasteSystem #मनुवाद

Language: Hindi
279 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
" कविता और प्रियतमा
DrLakshman Jha Parimal
गिरगिट
गिरगिट
Dr. Pradeep Kumar Sharma
सबने हाथ भी छोड़ दिया
सबने हाथ भी छोड़ दिया
Shweta Soni
मतदान
मतदान
साहिल
स्वर्णिम दौर
स्वर्णिम दौर
Dr. Kishan tandon kranti
💐प्रेम कौतुक-522💐
💐प्रेम कौतुक-522💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कुछ चूहे थे मस्त बडे
कुछ चूहे थे मस्त बडे
Vindhya Prakash Mishra
बचपन मेरा..!
बचपन मेरा..!
भवेश
राजस्थानी भाषा में
राजस्थानी भाषा में
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
आज मैं एक नया गीत लिखता हूँ।
आज मैं एक नया गीत लिखता हूँ।
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
!! हे उमां सुनो !!
!! हे उमां सुनो !!
Chunnu Lal Gupta
Never forget
Never forget
Dhriti Mishra
जिंदगी में ऐसा इंसान का होना बहुत ज़रूरी है,
जिंदगी में ऐसा इंसान का होना बहुत ज़रूरी है,
Mukesh Jeevanand
*फल*
*फल*
Dushyant Kumar
चलते-चलते...
चलते-चलते...
डॉ.सीमा अग्रवाल
शिवाजी गुरु समर्थ रामदास – बाल्यकाल और नया पड़ाव – 02
शिवाजी गुरु समर्थ रामदास – बाल्यकाल और नया पड़ाव – 02
Sadhavi Sonarkar
झूठ भी कितना अजीब है,
झूठ भी कितना अजीब है,
नेताम आर सी
हम्मीर देव चौहान
हम्मीर देव चौहान
Ajay Shekhavat
क्रिकेट
क्रिकेट
SHAMA PARVEEN
स्पर्श करें निजजन्म की मांटी
स्पर्श करें निजजन्म की मांटी
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
भीड़ के साथ
भीड़ के साथ
Paras Nath Jha
A Donkey and A Lady
A Donkey and A Lady
AJAY AMITABH SUMAN
वो शख्स लौटता नहीं
वो शख्स लौटता नहीं
Surinder blackpen
#सुप्रभात
#सुप्रभात
आर.एस. 'प्रीतम'
बीती सदियाँ राम हैं , भारत के उपमान(कुंडलिया)
बीती सदियाँ राम हैं , भारत के उपमान(कुंडलिया)
Ravi Prakash
प्रीति की राह पर बढ़ चले जो कदम।
प्रीति की राह पर बढ़ चले जो कदम।
surenderpal vaidya
2713.*पूर्णिका*
2713.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"बेरंग शाम का नया सपना" (A New Dream on a Colorless Evening)
Sidhartha Mishra
■ अमर बलिदानी तात्या टोपे
■ अमर बलिदानी तात्या टोपे
*Author प्रणय प्रभात*
बिछ गई चौसर चौबीस की,सज गई मैदान-ए-जंग
बिछ गई चौसर चौबीस की,सज गई मैदान-ए-जंग
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...