Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Oct 2023 · 1 min read

*आए दिन त्योहार के, मस्ती और उमंग (कुंडलिया)*

आए दिन त्योहार के, मस्ती और उमंग (कुंडलिया)
—————————————-
आए दिन त्योहार के, मस्ती और उमंग
रावण लो मारा गया, सारे कुनबे संग
सारे कुनबे संग, राम निर्लोभी पाए
कहा न मुझको रत्न, स्वर्ण लंका के भाए
कहते रवि कविराय, सभी ने दीप जलाए
चौदह वर्षों बाद, अयोध्या जब प्रभु आए
—————————————-
रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा ,रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997 615451

166 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
अहं
अहं
Shyam Sundar Subramanian
बसंत
बसंत
Bodhisatva kastooriya
#अंतिम_उपाय
#अंतिम_उपाय
*Author प्रणय प्रभात*
तारों के मोती अम्बर में।
तारों के मोती अम्बर में।
Anil Mishra Prahari
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Shweta Soni
लिखे क्या हुजूर, तारीफ में हम
लिखे क्या हुजूर, तारीफ में हम
gurudeenverma198
जनवरी हमें सपने दिखाती है
जनवरी हमें सपने दिखाती है
Ranjeet kumar patre
लोककवि रामचरन गुप्त के लोकगीतों में आनुप्रासिक सौंदर्य +ज्ञानेन्द्र साज़
लोककवि रामचरन गुप्त के लोकगीतों में आनुप्रासिक सौंदर्य +ज्ञानेन्द्र साज़
कवि रमेशराज
" करवा चौथ वाली मेहंदी "
Dr Meenu Poonia
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
*संवेदनाओं का अन्तर्घट*
*संवेदनाओं का अन्तर्घट*
Manishi Sinha
गिराता और को हँसकर गिरेगा वो यहाँ रोकर
गिराता और को हँसकर गिरेगा वो यहाँ रोकर
आर.एस. 'प्रीतम'
ਹਕੀਕਤ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ
ਹਕੀਕਤ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ
Surinder blackpen
*नई मुलाकात *
*नई मुलाकात *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
2614.पूर्णिका
2614.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
इंसान एक दूसरे को परखने में इतने व्यस्त थे
इंसान एक दूसरे को परखने में इतने व्यस्त थे
ruby kumari
यादों के गुलाब
यादों के गुलाब
Neeraj Agarwal
माना  कि  शौक  होंगे  तेरे  महँगे-महँगे,
माना कि शौक होंगे तेरे महँगे-महँगे,
Kailash singh
बचपन
बचपन
नूरफातिमा खातून नूरी
कविता -
कविता - "बारिश में नहाते हैं।' आनंद शर्मा
Anand Sharma
माइल है दर्दे-ज़ीस्त,मिरे जिस्मो-जाँ के बीच
माइल है दर्दे-ज़ीस्त,मिरे जिस्मो-जाँ के बीच
Sarfaraz Ahmed Aasee
बच्चों के पिता
बच्चों के पिता
Dr. Kishan Karigar
एक ही राम
एक ही राम
Satish Srijan
गीत
गीत
Mahendra Narayan
तुम्हारी खूब़सूरती क़ी दिन रात तारीफ क़रता हूं मैं....
तुम्हारी खूब़सूरती क़ी दिन रात तारीफ क़रता हूं मैं....
Swara Kumari arya
मै अपवाद कवि अभी जीवित हूं
मै अपवाद कवि अभी जीवित हूं
प्रेमदास वसु सुरेखा
खून पसीने में हो कर तर बैठ गया
खून पसीने में हो कर तर बैठ गया
अरशद रसूल बदायूंनी
"विजेता"
Dr. Kishan tandon kranti
आ भी जाओ मेरी आँखों के रूबरू अब तुम
आ भी जाओ मेरी आँखों के रूबरू अब तुम
Vishal babu (vishu)
बढ़कर बाणों से हुई , मृगनयनी की मार(कुंडलिया)
बढ़कर बाणों से हुई , मृगनयनी की मार(कुंडलिया)
Ravi Prakash
Loading...