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30 Jun 2016 · 1 min read

आँगन में तुलसी खड़ी,गलियारे में नीम (दोहे)

आँगन में तुलसी खड़ी,गलियारे में नीम !
मेरे घर में हीं रहें, दो दो वैद्य हकीम !!
…………………………..
क्या धनमंतर वैद्य हो, क्या लुकमान हकीम।
दोनों सिर-माथे चढ़ी,… रही हमेशा नीम॥
……………………………..
रसा-बसा है नीम में,…औषधि का भंडार।
मानव पर इसने किए, कोटि-कोटि उपकार!!
……………………………
लगा नीम का वृक्ष है, जिसके घर के पास।
जहरीले कीडे वहां,… करते नहीं निवास॥
……………………………
दंत-सफ़ाई के लिए, मिले मुफ़्त दातून।
पैसों का होता नहीं, जिसमें कोई खून॥
…………………………….
कडुवी है तो क्या हुआ, गुण तो इसके नेक।
नीम छाँव में बैठे के,.. जाग्रत करो विवेक॥
रमेश शर्मा

Language: Hindi
2 Likes · 2 Comments · 1716 Views
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