Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Aug 2016 · 1 min read

अरमानो के मेले में जब ख्बाबों के महल टूटे

सजा क्या खूब मिलती है किसी से दिल लगाने की
तन्हाई की महफ़िल में आदत हो गयी गाने की

हर पल याद रहती है निगाहों में बसी सूरत
तमन्ना अपनी रहती है खुद को भूल जाने की

उम्मीदों का काजल जब से आँखों में लगाया है
कोशिश पूरी होती है पत्थर से प्यार पाने की

अरमानो के मेले में जब ख्बाबों के महल टूटे
बारी तब फिर आती है अपनों को आजमाने की

मर्जे इश्क में अक्सर हुआ करता है ऐसा भी
जीने पर हुआ करती है ख्वाहिश मौत पाने की

मदन मोहन सक्सेना

Language: Hindi
296 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
श्रम कम होने न देना _
श्रम कम होने न देना _
Rajesh vyas
దేవత స్వరూపం గో మాత
దేవత స్వరూపం గో మాత
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
श्री राम का अन्तर्द्वन्द
श्री राम का अन्तर्द्वन्द
Paras Nath Jha
क्राई फॉर लव
क्राई फॉर लव
Shekhar Chandra Mitra
ज़िंदगी क्या है ?
ज़िंदगी क्या है ?
Dr fauzia Naseem shad
घूंटती नारी काल पर भारी ?
घूंटती नारी काल पर भारी ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मईया रानी
मईया रानी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
*हे!शारदे*
*हे!शारदे*
Dushyant Kumar
रिसाइकल्ड रिश्ता - नया लेबल
रिसाइकल्ड रिश्ता - नया लेबल
Atul "Krishn"
*दूर देश से आती राखी (हिंदी गजल)*
*दूर देश से आती राखी (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
अभिनेता बनना है
अभिनेता बनना है
Jitendra kumar
ओ अच्छा मुस्कराती है वो फिर से रोने के बाद /लवकुश यादव
ओ अच्छा मुस्कराती है वो फिर से रोने के बाद /लवकुश यादव "अज़ल"
लवकुश यादव "अज़ल"
अश्रु
अश्रु
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
इस जग में है प्रीत की,
इस जग में है प्रीत की,
sushil sarna
अजीब शौक पाला हैं मैने भी लिखने का..
अजीब शौक पाला हैं मैने भी लिखने का..
शेखर सिंह
3116.*पूर्णिका*
3116.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मरने वालों का तो करते है सब ही खयाल
मरने वालों का तो करते है सब ही खयाल
shabina. Naaz
!! दिल के कोने में !!
!! दिल के कोने में !!
Chunnu Lal Gupta
Exploring the Vast Dimensions of the Universe
Exploring the Vast Dimensions of the Universe
Shyam Sundar Subramanian
पत्रकारों को पत्रकार के ही भाषा में जवाब दिया जा सकता है । प
पत्रकारों को पत्रकार के ही भाषा में जवाब दिया जा सकता है । प
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
दिल में है जो बात
दिल में है जो बात
Surinder blackpen
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
_सुलेखा.
■ आज का मुक्तक
■ आज का मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
मां के आँचल में
मां के आँचल में
Satish Srijan
एक विद्यार्थी जब एक लड़की के तरफ आकर्षित हो जाता है बजाय कित
एक विद्यार्थी जब एक लड़की के तरफ आकर्षित हो जाता है बजाय कित
Rj Anand Prajapati
जल खारा सागर का
जल खारा सागर का
Dr Nisha nandini Bhartiya
दूर की कौड़ी ~
दूर की कौड़ी ~
दिनेश एल० "जैहिंद"
💐अज्ञात के प्रति-114💐
💐अज्ञात के प्रति-114💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
छोड़ दिया है मैंने अब, फिक्र औरों की करना
छोड़ दिया है मैंने अब, फिक्र औरों की करना
gurudeenverma198
सरकारों के बस में होता हालतों को सुधारना तो अब तक की सरकारें
सरकारों के बस में होता हालतों को सुधारना तो अब तक की सरकारें
REVATI RAMAN PANDEY
Loading...