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21 Apr 2024 · 1 min read

अफ़सोस

तुम्हारे पास एक मौक़ा था
लेकिन उससे तुम चूक गए
मुझे ठगने की कोशिश में
खुद-ब-खुद ही तुम लुट गए…
(१)
विश्वास का जो धागा है न
बहुत ही नाज़ुक होता है
वो धागे कब जुड़ सकते हैं
बस एक बार जो टूट गए…
(२)
तुमको लेकर मेरे दिल में
कैसे कैसे अरमान थे
लेकिन ख़ैर छोड़ो उन्हें
वे बहुत पीछे छूट गए…
(३)
अब ख्वामखाह पछताने में
आख़िर रखा ही क्या है
जो कभी तुमपे आशिक थे
उनके जनाजे उठ गए…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#निष्फल_प्रेम #हूक #मायूस #शायर
#नाकामी #चुभन #चीख #टीस #प्रेम
#बेकारी #sadsong #दर्द #कविता
#loveslabourslost #निराशा #प्रेमी
#कसक #वेदना #पीड़ा #तड़प #गीत

Language: Hindi
Tag: गीत
26 Views
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