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7 Feb 2024 · 1 min read

अपना पीछा करते करते

अपना पीछा करते करते
आगे की सुद भूल गए हो
चलते ‌मुसाफिर हो तुम!
मालिक होने की भूल किये हो
“मैं” की मलकीयत थामें-थामें
अपनों से ही दूर हुए हो
नफरत रंजीश पाले बैठे
खुद में कुपा सा फूल गए हो
संगीता बैनीवाल

2 Likes · 86 Views
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