Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Mar 2017 · 1 min read

*** अज्ञान तिमिर ***

जीवन में अज्ञान-तिमिर का

फैला है विस्तृत मैदान

कौन हटाये इस तम को

आलोकित कर इस जीवन को

जीवन में अज्ञान तिमिर

का फैला है विस्तृत मैदान

दूर करें इस तम को कैसे

कोई तो बतलाये हमको

व्यूह-चक्र है यह जीवन का

तोड़ अजेय कहलाये कौन ?

जीवन में अज्ञान तिमिर का

फैला है विस्तृत मैदान ।।

?मधुप बैरागी

Language: Hindi
1 Like · 475 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from भूरचन्द जयपाल
View all
You may also like:
रूह को खुशबुओं सा महकाने वाले
रूह को खुशबुओं सा महकाने वाले
कवि दीपक बवेजा
अपना घर
अपना घर
ओंकार मिश्र
** चिट्ठी आज न लिखता कोई **
** चिट्ठी आज न लिखता कोई **
surenderpal vaidya
तुम - दीपक नीलपदम्
तुम - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
If you have  praising people around you it means you are lac
If you have praising people around you it means you are lac
Ankita Patel
नेह धागों का त्योहार
नेह धागों का त्योहार
Seema gupta,Alwar
*मगर चलने में अपने पैर से ही चाल आती है (मुक्तक)*
*मगर चलने में अपने पैर से ही चाल आती है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
मिथकीय/काल्पनिक/गप कथाओं में अक्सर तर्क की रक्षा नहीं हो पात
मिथकीय/काल्पनिक/गप कथाओं में अक्सर तर्क की रक्षा नहीं हो पात
Dr MusafiR BaithA
अमीर-ग़रीब वर्ग दो,
अमीर-ग़रीब वर्ग दो,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
महिला दिवस कुछ व्यंग्य-कुछ बिंब
महिला दिवस कुछ व्यंग्य-कुछ बिंब
Suryakant Dwivedi
राष्ट्रपिता
राष्ट्रपिता
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
मित्रता
मित्रता
Mahendra singh kiroula
आंखों की भाषा के आगे
आंखों की भाषा के आगे
Ragini Kumari
कदम रखूं ज्यों शिखर पर
कदम रखूं ज्यों शिखर पर
Divya Mishra
मै तो हूं मद मस्त मौला
मै तो हूं मद मस्त मौला
नेताम आर सी
भूमकाल के महानायक
भूमकाल के महानायक
Dr. Kishan tandon kranti
🙅परिभाषा🙅
🙅परिभाषा🙅
*Author प्रणय प्रभात*
जय भोलेनाथ ।
जय भोलेनाथ ।
Anil Mishra Prahari
आस्था
आस्था
Neeraj Agarwal
दर्द अपना है
दर्द अपना है
Dr fauzia Naseem shad
पीड़ा थकान से ज्यादा अपमान दिया करता है ।
पीड़ा थकान से ज्यादा अपमान दिया करता है ।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
अहम जब बढ़ने लगता🙏🙏
अहम जब बढ़ने लगता🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Anand mantra
Anand mantra
Rj Anand Prajapati
जन्म मृत्यु का विश्व में, प्रश्न सदा से यक्ष ।
जन्म मृत्यु का विश्व में, प्रश्न सदा से यक्ष ।
Arvind trivedi
तुम कहो कोई प्रेम कविता
तुम कहो कोई प्रेम कविता
Surinder blackpen
"स्वप्न".........
Kailash singh
जानबूझकर कभी जहर खाया नहीं जाता
जानबूझकर कभी जहर खाया नहीं जाता
सौरभ पाण्डेय
प्रकृति भी तो शांत मुस्कुराती रहती है
प्रकृति भी तो शांत मुस्कुराती रहती है
ruby kumari
सुनो पहाड़ की.....!!! (भाग - ५)
सुनो पहाड़ की.....!!! (भाग - ५)
Kanchan Khanna
‘’ हमनें जो सरताज चुने है ,
‘’ हमनें जो सरताज चुने है ,
Vivek Mishra
Loading...